UP Budget: कांग्रेस नेता दीपक सिंह का सरकार पर तीखा हमला, बोले- “विकास सिर्फ कागज़ों में”

उत्तर प्रदेश सरकार के बजट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘कागज़ी विकास’ का दस्तावेज़ करार दिया है। उन्होंने अमेठी और रायबरेली की उपेक्षा, किसानों की बदहाल स्थिति, युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी और स्वास्थ्य-शिक्षा क्षेत्र में रिक्त पदों को लेकर सरकार को घेरा।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 12 February 2026, 4:24 PM IST
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Amethi: जनपद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट और विकास के दावों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने बजट को सत्यम कंप्यूटर के बी. रामलिंगा राजू की बैलेंसशीट से तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह उस बैलेंसशीट में आंकड़ों का खेल था, उसी तरह यह बजट भी वास्तविकता से दूर है।

दीपक सिंह ने आरोप लगाया कि अमेठी और रायबरेली के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा तक नहीं की गई। उनके अनुसार, सरकार कागज़ों में विकास दिखा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, बल्कि दावों और आंकड़ों का दस्तावेज़ है, जिसमें आम जनता की समस्याओं का कोई समाधान नजर नहीं आता।

किसान और युवा सबसे ज्यादा प्रभावित

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश का किसान आज गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। डीज़ल, बिजली, खाद और बीज की कीमतों में कई गुना वृद्धि हो चुकी है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़े हैं। ऐसे में किसानों का मुनाफा घट रहा है, जबकि सरकार कागज़ों में उनकी आय बढ़ने का दावा कर रही है।

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उन्होंने युवाओं की बेरोज़गारी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और सरकारी विभागों में रिटायर हो चुके कर्मचारियों के स्थान पर नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं। लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। न तो नए बड़े शिक्षण संस्थान खोले गए और न ही सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। इससे आम परिवारों को निजी और महंगी शिक्षा का सहारा लेना पड़ रहा है।

बजट खर्च और योजनाओं पर उठाए सवाल

दीपक सिंह ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई विभाग पिछले बजट में जारी धनराशि को अब तक खर्च नहीं कर पाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार कुल बजट का लगभग 50 प्रतिशत ही खर्च कर सकी है। नगर विकास विभाग में करीब 47 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी में लगभग 60 प्रतिशत और नमामि गंगे योजना में मात्र 39 प्रतिशत खर्च हुआ है।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार बजट तो पेश कर रही है, लेकिन उसे जमीन पर लागू करने में विफल है। CAG की रिपोर्टों में कई विभागों में अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग की बात सामने आई है। लोकायुक्त द्वारा भेजी गई सैकड़ों सिफारिशों पर भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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उन्होंने 'हर घर जल' योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कागज़ों में काम पूरा दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर न पानी उपलब्ध है और न जवाबदेही तय है।
दीपक सिंह ने निष्कर्ष में कहा कि यह बजट न किसान को राहत देता है, न युवा को रोजगार और न ही शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करता है। सरकार को अब प्रचार से आगे बढ़कर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।

 

Location : 
  • Amethi

Published : 
  • 12 February 2026, 4:24 PM IST

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