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महराजगंज: रामपुर जनपद में वरिष्ठ अधिवक्ता फारूख अहमद खान की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के बाद प्रदेशभर के अधिवक्ता संगठनों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। इस जघन्य वारदात को न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए महराजगंज के अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन महराजगंज की ओर से जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन
ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह असंतोष पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है। विभिन्न जिलों के बार एसोसिएशनों से आंदोलन की रणनीति पर बातचीत शुरू हो चुकी है।अधिवक्ता संगठनों ने सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग की है, ताकि वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना है कि जब तक अधिवक्ताओं को कानूनी संरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल हैं।
48 घंटे के भीतर हत्यारों की गिरफ्तारी
इसके साथ ही मृतक अधिवक्ता फारूख अहमद खान के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई गई है, जिससे परिवार को न्याय और संबल मिल सके।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो अधिवक्तागण प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन, आमरण अनशन और न्यायिक कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठाने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय के रक्षकों की सुरक्षा यदि स्वयं असुरक्षित हो जाएगी तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। इस हत्याकांड को केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं बल्कि कानून व्यवस्था को चुनौती बताया जा रहा है।
Location : Maharajganj
Published : 12 February 2026, 1:31 PM IST
Topics : Latest News lawyers Maharajganj murder