तकनीकी युग में मन के संघर्ष से जूझते युवाओं के लिए भगवद्गीता बनी जीवन की राह दिखाने वाली शक्ति
विज्ञान और तकनीक के तीव्र विस्तार के बीच युवा वर्ग मानसिक तनाव, तुलना और पहचान के संकट से जूझ रहा है। ऐसे समय में भगवद्गीता आत्मबोध, स्वधर्म और भावनात्मक संतुलन के माध्यम से संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और नैतिक जीवन की प्रेरणा देती है।