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आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप स्कैनएक्स ने पोर्टेबल AI डिवाइस विकसित किया है जो सिर्फ 90 सेकेंड में फल-सब्जियों में मौजूद पेस्टिसाइड, केमिकल और स्वास्थ्य जोखिम की जानकारी देता है। इसकी जांच लागत केवल 10-15 पैसे है, जिससे यह आम लोगों और किसानों दोनों के लिए सुलभ होगी।
स्कैनएक्स डिवाइस देगा सुरक्षित फल-सब्जी की जानकारी (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: पढ़ाई, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब रसोई में भी कदम रख चुका है। अब एक नई पोर्टेबल डिवाइस सिर्फ 90 सेकेंड में फल और सब्जियों की क्वालिटी जांच सकती है। इसमें सिर्फ एक छोटे टुकड़े को स्कैन करना होता है और डिवाइस तुरंत पेस्टिसाइड के अवशेष, मौजूद केमिकल और उनके संभावित स्वास्थ्य प्रभाव की जानकारी दे देती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, बिना किसी रासायनिक उपयोग और बिना नुकसान पहुंचाए होती है।
यह तकनीक आईआईटी कानपुर में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप 'स्कैनएक्स' द्वारा विकसित की गई है। टीम ने पोर्टेबल एनआईआर-एमआईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी को एआई और मशीन लर्निंग से जोड़कर यह समाधान तैयार किया। डिवाइस नजदीकी और मध्य इन्फ्रारेड रोशनी का उपयोग करती है। 750 से 2500 नैनोमीटर तरंगों से फल-सब्जियों की अंदरूनी परत की जांच होती है और 2.5 से 10 माइक्रोमीटर तरंगों से हानिकारक गैस और पेस्टिसाइड अवशेष का पता चलता है। इस तकनीक के मेल से तेज, सटीक और बिना नुकसान वाली जांच संभव हुई है।
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स्टार्टअप ने डिवाइस का पेटेंट भी फाइल किया है और इसे 2026 के अंत तक बाजार में उतारने की योजना है। इसे आम उपभोक्ताओं और किसानों दोनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। शुरुआती परीक्षणों में अच्छे नतीजे सामने आए हैं। एक जांच की लागत केवल 10 से 15 पैसे होगी, जिससे यह हर किसी की पहुंच में रहेगी। डिवाइस कम से कम पांच साल तक काम कर सकती है और जरूरत पड़ने पर सर्विसिंग के बाद दोबारा इस्तेमाल की जा सकेगी। इसमें बैटरी बदलने की सुविधा भी उपलब्ध है।
स्कैनएक्स के संस्थापक रजतवर्धन के अनुसार, फलों और सब्जियों में कीटनाशकों की मौजूदगी आज बड़ी चिंता का विषय है। रोजाना उपयोग होने वाले उत्पादों में पेस्टिसाइड की मौजूदगी से कैंसर और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। पारंपरिक लैब जांच महंगी और समय लेने वाली होती है, इसलिए नियमित जांच आम लोगों के लिए मुश्किल होती थी। यह डिवाइस विशेष रूप से जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए फायदेमंद है। वे अपने उत्पाद की क्वालिटी आसानी से साबित कर पाएंगे और बेहतर दाम प्राप्त कर सकेंगे।
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घर बैठे तेज और सटीक जांच की सुविधा उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन देने में मदद करेगी। यह तकनीक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उपभोक्ता अब आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि उनके द्वारा खाया जाने वाला फल या सब्जी पूरी तरह से सुरक्षित है या नहीं। इस नई तकनीक के आने से न केवल आम लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में उत्पादकों के लिए भी यह बड़ी मदद साबित होगी।