बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स

एसके रुंगटा

एसके रूंगटा, देश की सबसे बड़ी सरकारी इस्पात कंपनी, स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के पांच साल तक (2006-2010) तक चेयरमैन रहे हैं। ये बिट्स, पिलानी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। इन्होंने आईआईएफटी, नई दिल्ली से मैनेजमेंट (इंटरनेशनल ट्रेड) में पीजी डिप्लोमा किया है। देश के आर्थिक मामलों पर इनकी जबरदस्त पकड़ है। औद्योगिक क्षेत्र का इन्हें 45 साल लंबा तजुर्बा है। इन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के द्वारा स्कोप सहित देश के अनगिनत पुरस्कार मिल चुके हैं। रूंगटा वर्तमान में वेदांता समूह की दो प्रमुख कंपनियों भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) और तलवंडी सबो पावर लिमिटेड (TSPL) के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष हैं।

अरुण भटनागर

अरुण भटनागर, प्रसार भारती बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हैं। ये 1966 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसर हैं। सेंट स्टीफंस कालेज, दिल्ली से इकोनामिक्स ग्रेजुएट, भटनागर ने मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार के विभिन्न विभागों में काम किया है। इनके पास 5 दशक लंबा प्रशासनिक अनुभव है। ये भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं। ये राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा के संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। इन्होंने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में मंत्री (आर्थिक) के रुप में भी कार्य किया। ये भारत के प्रख्यात वैज्ञानिक, सर शांति स्वरुप भटनागर, FSR, के ग्रैंड सन हैं।

राम यश सिंह

राम यश सिंह, 1985 बैच के बिहार कैडर के तेज-तर्रार आईपीएस अफसर हैं। ये बिहार राज्य के जाने माने आईपीएस अधिकारी हैं। जैन कालेज, आरा से बीएससी की पढ़ाई करने वाले सिंह, बिहार के पश्चिमी चम्पारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) और जहानाबाद जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में काम कर चुके हैं। भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद ये पटना हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में वकालत के क्षेत्र में सक्रिय हैं।




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