हिंदी
दिल्ली उच्च न्यायालय (Image Source: Google)
New Delhi: दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दौरान हुई हत्या के मामले में अब अदालत ने भी गंभीर रुख अपनाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि परिवार को किसी भी स्थिति में असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए और पुलिस को तत्काल मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी होगी।
यह मामला 26 वर्षीय युवक तरुण की हत्या से जुड़ा है, जिसकी होली के दिन कथित झड़प के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और परिवार ने सुरक्षा को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और इलाके में माहौल अभी भी संवेदनशील बना हुआ है।
दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान पुलिस को निर्देश दिया कि संबंधित थाना प्रभारी यानी एसएचओ का निजी मोबाइल नंबर परिवार को उपलब्ध कराया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत संपर्क कर सकें।
अदालत में पीड़ित तरुण की मां लक्ष्मी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि 13 अप्रैल को कुछ महिलाओं का समूह उनके घर के पास पहुंचा था। आरोप है कि महिलाओं ने चेहरे ढक रखे थे और परिवार को धमकाया था।
एक ट्वीट और FIR दर्ज… सपा के आधिकारिक X अकाउंट पर कार्रवाई, पढे़ं पूरी खबर
परिवार के मुताबिक, महिलाओं ने कहा कि जिस तरह एक बेटे की हत्या हुई, उसी तरह दूसरे बेटे को भी निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही परिवार को मामले को आगे न बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई। इन आरोपों को अदालत ने गंभीरता से लिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस से जवाब मांगा।
पीड़ित परिवार ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो फैलाए जा रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ रहा है। अदालत ने इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिवार की गली और आसपास के क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस पिकेट भी तैनात किए गए हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित के घर के सामने स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे भड़काऊ कंटेंट को लेकर पुलिस ने दावा किया कि अब तक 250 से अधिक वीडियो और पोस्ट हटाए जा चुके हैं।
फर्रुखाबाद में रेल हादसा: चलती ट्रेन से गिरा युवक गंभीर रूप से घायल, जानें कैसे हुआ हादसा
अदालत को यह भी बताया गया कि 13 अप्रैल की कथित धमकी से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। जांच की जिम्मेदारी एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
चार मार्च को होली के दिन हुए इस हत्याकांड ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया था। अब अदालत के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।
Location : New Delhi
Published : 25 April 2026, 5:28 AM IST