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औरैया पुलिस का बड़ा एक्शन
Auraiya: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पुलिस ने एक बड़े आर्थिक अपराध का पर्दाफाश करते हुए 8.62 करोड़ रुपये के GST फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। यह मामला सिर्फ टैक्स चोरी तक सीमित नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा बताया जा रहा है। लंबे समय से चल रही जांच के बाद एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास-ऑन के जरिए करोड़ों रुपये का खेल कर रहे थे। कागजों पर माल की खरीद-बिक्री दिखाई जाती थी, लेकिन वास्तव में किसी तरह की सप्लाई नहीं होती थी। इस फर्जी लेन-देन के जरिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह ने कई फर्जी फर्मों का इस्तेमाल किया। इनमें ‘मून एंटरप्राइजेज’ के नाम पर करीब 2.87 करोड़ रुपये और ‘चमन ट्रेडर्स’ के जरिए लगभग 5.75 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग दिखाई गई। इन कंपनियों का उपयोग केवल कागजी लेन-देन दिखाने और टैक्स क्रेडिट पास करने के लिए किया जा रहा था।
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पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में दस्तावेज तैयार करने, अकाउंट संभालने और तकनीकी मदद देने वाले लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी मोहम्मद अतहर, अकाउंटेंट शाह आलम, दस्तावेज तैयार करने वाला इमरान और सहयोगी विशाल शामिल हैं। इन सभी की भूमिका अलग-अलग थी, लेकिन मकसद एक ही था—फर्जी कंपनियों के जरिए टैक्स सिस्टम का दुरुपयोग करना। एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लेन-देन को वैध दिखाने की कोशिश करते थे। बैंकिंग रिकॉर्ड, GST पोर्टल एंट्री और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC), राउटर, सिम कार्ड और 60,330 रुपये नकद बरामद किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब डिजिटल डेटा की पड़ताल कर रही हैं ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। इस मामले में GST एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है और आगे जांच बढ़ने पर कई और नाम सामने आ सकते हैं।
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गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, निरीक्षक अपराध सत्यप्रकाश सिंह, उपनिरीक्षक संजीव कुमार, उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल सुधीर सिंह और सर्विलांस सेल के कांस्टेबल ओमजी पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और जांच में आगे और भी बड़े वित्तीय घोटालों का खुलासा हो सकता है।
Location : Auraiya
Published : 24 April 2026, 11:15 PM IST