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धोखाधड़ी कर औद्योगिक प्लॉट आवंटन कराने के आरोप में जेल भेजे गए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को देवरिया जिला कारागार से जमानत पर रिहा कर दिया गया। सीजेएम न्यायालय के आदेश और जमानतदारों के सत्यापन के बाद उनकी रिहाई हुई। रिहाई के बाद वह रिश्तेदारों संग गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो गए।
IPS अमिताभ ठाकुर को मिली बेल (Image Source: Google)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में वर्ष 1999 के औद्योगिक प्लॉट आवंटन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बुधवार शाम जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। उन्हें 10 दिसंबर को धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के जुर्म में जेल भेजा गया था, साथ ही कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए औद्योगिक प्लॉट आवंटन कराने का भी आरोप लगा था। सीजेएम न्यायालय से जमानत आदेश जारी होने और जमानतदारों के सत्यापन के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी।
मामला जिला उद्योग केंद्र, देवरिया में वर्ष 1999 में हुए औद्योगिक प्लॉट आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने अलग-अलग तिथियों पर फर्जी नाम, पते और कूट-रचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 'नूतन इंडस्ट्रीज' के नाम से औद्योगिक प्लॉट का आवंटन कराया।
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जांच में यह भी आरोप सामने आया कि अभिलेखों में हेरफेर कर पत्नी के नाम पर प्लॉट दर्ज कराया गया और उस समय पद पर रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया। इसी आधार पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था।
सीजेएम न्यायालय से जमानत आदेश जारी होने के बाद संबंधित दस्तावेज जेल प्रशासन को प्राप्त हुए। जमानतदारों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार शाम जेल अधीक्षक ने रिहाई का आदेश लागू किया। जेल से बाहर निकलने के बाद अमिताभ ठाकुर ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए अपने रिश्तेदारों के साथ गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो गए।
फिलहाल उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन मामला अदालत में विचाराधीन है और आगामी सुनवाई में आरोपों पर कानूनी बहस जारी रहेगी।