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रामपुर में अधिवक्ता फारूख अहमद खां की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के विरोध में बरेली बार एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और प्रदेश में एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की गई।
अधिवक्ता की हत्या पर उबाल
Bareilly: रामपुर में अधिवक्ता फारूख अहमद खां की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से प्रदेश भर का अधिवक्ता समाज आक्रोशित है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बरेली बार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार हरित और सचिव दीपक पांडेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांधकर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बुधवार दोपहर रामपुर में फारूख अहमद खां की निर्मम हत्या कर दी गई, जिसने पूरे विधि समुदाय को झकझोर दिया है। अधिवक्ताओं ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और अधिवक्ता लगातार निशाना बनाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रदेश में वकीलों पर हमले और हत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है। कई बार सुरक्षा की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय दिलाने की जिम्मेदारी निभाने वाला वर्ग यदि खुद को असुरक्षित महसूस करेगा तो आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो जाएगा। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बरेली बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में मृतक अधिवक्ता फारूख अहमद खां के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। साथ ही प्रदेश में तत्काल एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि यह कानून लागू होता है तो वकीलों को सुरक्षा का कानूनी संरक्षण मिलेगा और वे निर्भीक होकर अपना विधि व्यवसाय कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या का मामला नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी विरोध की आवाजें उठने लगी हैं, जिससे यह मामला अब व्यापक आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।