Sonbhadra News: देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में वाम दलों का जुलूस-प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को सोनभद्र में संयुक्त वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने छपका पावर हाउस से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 February 2026, 6:38 PM IST
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Sonbhadra: देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को सोनभद्र में संयुक्त वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने छपका पावर हाउस से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

सरकार पर मजदूर-किसान विरोधी नीतियों का आरोप

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें श्रमिकों, किसानों, खेत मजदूरों, आदिवासियों, नौजवानों, महिलाओं, दस्तकारों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के खिलाफ नीतियां लागू कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा, संयुक्त खेत मजदूर यूनियन और संयुक्त वाम दलों के आह्वान पर यह हड़ताल आयोजित की गई है।

श्रम संहिताएं रद्द करने समेत कई प्रमुख मांगें

ज्ञापन में चार श्रम संहिताओं को निरस्त कर पुराने श्रम कानून बहाल करने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने और बिजली संशोधन विधेयक 2025 वापस लेने की मांग की गई। साथ ही 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, मनरेगा को मजबूत करने, 200 दिन रोजगार की गारंटी और 600 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग भी प्रमुख रही।

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सोनभद्र के विकास और स्थानीय मुद्दों पर जोर

वाम दलों ने सोनभद्र को कटौती मुक्त बिजली, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, उच्च शिक्षा के लिए “कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय” और “एम्स” की स्थापना, सड़कों व मोबाइल नेटवर्क में सुधार तथा खनन क्षेत्रों में मशीनों पर रोक लगाने की मांग रखी। साथ ही रिंहद, धंधरौल और नगवां बांध से प्रभावित विस्थापितों को पुनर्वास नीति का पूरा लाभ देने की भी मांग की गई।

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नेतृत्व और भागीदारी

धरने का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव आर.के. शर्मा, माकपा जिला सचिव नंद लाल आर्य और माले जिला सचिव सुरेश कोल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान भाकपा, माकपा, माले, उत्तर प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा और खेत मजदूर संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

Location : 
  • Sonbhadra

Published : 
  • 12 February 2026, 6:38 PM IST

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