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अमेठी के बीआरसी परिसर में आयोजित बाल उत्सव कार्यक्रम में परिषदीय उच्च विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। मीना मंच गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों ने कॉमिक बुक निर्माण और कहानी प्रस्तुति के जरिए जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए।
स्वाभिमान का संदेश देते दिखे नन्हें प्रतिभागी
Amethi: जिला के बीआरसी परिसर में गुरुवार को आयोजित बाल उत्सव कार्यक्रम उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहा। परिषदीय उच्च विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में संचालित मीना मंच कार्यक्रम के अंतर्गत यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समन्वयक श्याम सुंदर श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी पूजा सिंह, हरिओम तिवारी, नोडल बच्चा राम वर्मा एवं गरिमा यादव ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया।
इस अवसर पर विभिन्न विकास क्षेत्रों से चयनित मॉडल मीना मंच विद्यालयों के बच्चों ने भाग लिया। प्रत्येक विकास क्षेत्र से पांच विद्यालयों के दो-दो बच्चों ने प्रतिभाग कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में समता का भाव विकसित करना और उनके भीतर हुए सकारात्मक बदलावों को साझा करने का अवसर देना था।
बाल उत्सव की सबसे खास झलक रही कॉमिक बुक निर्माण और कहानी प्रस्तुति प्रतियोगिता। बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का परिचय देते हुए कॉमिक बुक के माध्यम से अपने जीवन के अनुभवों को चित्रों और शब्दों में उकेरा। किसी ने शिक्षा से बदली अपनी सोच की कहानी सुनाई तो किसी ने आत्मविश्वास बढ़ने के अनुभव साझा किए।
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प्रतिभागी बच्चों ने मंच पर आकर अपने संघर्ष, सपनों और उपलब्धियों की कहानियां पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कीं। उनकी अभिव्यक्ति में झलकता साहस और नई आकांक्षाएं कार्यक्रम की प्रमुख आकर्षण रहीं। निर्णायक मंडल द्वारा कहानी प्रस्तुति एवं कॉमिक बुक निर्माण प्रतियोगिता में पांच-पांच सर्वश्रेष्ठ बच्चों का चयन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रगति, स्वाभिमान और सफलता की ओर उन्मुख करना रहा। मीना मंच एवं सेल्फ एस्टीम गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपने भीतर की प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर दिया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी पूजा सिंह ने सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देते हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी हरिओम तिवारी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि मीना मंच से मिली शिक्षाओं को वे अपने दैनिक जीवन में उतारें और विद्यालयों में हो रहे अच्छे कार्यों को समाज तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाल उत्सव बच्चों के सपनों को पहचानने और उन्हें सशक्त मंच देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। कार्यक्रम का संचालन गरिमा यादव और बच्चा राम वर्मा ने किया। इस अवसर पर रामसुंदर यादव, सुजाता पासी, कंचन मौर्य, अमिता, किरण, ममता, उर्मिला, विभा पल्लवी, अमिता प्रमोद, कल्पना सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
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बाल उत्सव कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और मंच मिले, तो वे न केवल अपने सपनों को शब्द दे सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल भी बन सकते हैं। यह आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को निखारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।