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जमीन में निवेश कर छह साल में रकम दोगुनी करने का लालच देकर लाखों रुपये हड़पने वाले गिरोह पर कैण्ट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी लाइसेंस के माध्यम से निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है…पढिए पूरी खबर
दो शातिर गिरफ्तार
गोरखपुर: जमीन में निवेश कर छह साल में रकम दोगुनी करने का लालच देकर लाखों रुपये हड़पने वाले गिरोह पर कैण्ट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी लाइसेंस के माध्यम से निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरी खबर?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ द्वारा धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कैण्ट के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। थाना कैण्ट पर पंजीकृत मु0अ0सं0 386/2025 से संबंधित मामले में पुलिस टीम ने आरोपितों को दबोच लिया।
अभियुक्तों की पहचान
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बृजेश शुक्ला पुत्र उदय प्रकाश शुक्ला निवासी बासुदेव नगर, चिनहट लखनऊ (मूल पता बाबू का पूरा, थाना कादीपुर जनपद सुल्तानपुर) तथा अरविन्द कुमार पाण्डेय पुत्र स्व. छोटेलाल पाण्डेय निवासी गोयल इन्क्लेब, चिनहट लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आवेदक ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि “टाइम सिटी मल्टी स्टेट कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड” नामक कंपनी के ओनर व कर्मचारियों ने अवैध एवं कूटरचित लाइसेंस और जमीन के दस्तावेज दिखाकर उसे और उसके परिचितों को निवेश के लिए प्रेरित किया।
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
आरोप है कि कंपनी ने “छह वर्ष में रकम दोगुनी” करने की स्कीम तथा प्लॉट खरीदने का झांसा देकर कुल लगभग 12 लाख रुपये निवेश करा लिए। बाद में कूटरचित बाउचर तैयार कर निवेशकों की रकम का गबन कर लिया गया। मामले में थाना कैण्ट पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। साक्ष्य संकलन और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में व0उ0नि0 विनोद कुमार सिंह व का0 इन्द्रजीत यादव शामिल रहे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस ठगी में और कितने लोग शामिल हैं तथा कितने निवेशक इसके शिकार हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले दस्तावेजों की वैधता की पूरी जांच अवश्य करें।