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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ो कार्यकर्ता और किसान हाथों में भारत अमेरिका कृषि समझौता और हमारा खेत हमारा अधिकार के पोस्टर लेकर पहुंचे थे।
BKU ने सौंपा पीएम के नाम ज्ञापन
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ो कार्यकर्ता और किसान हाथों में भारत अमेरिका कृषि समझौता और हमारा खेत हमारा अधिकार के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ।
भारत अमेरिका कृषि समझौते को लेकर नाराज किसानों का कहना था कि इस समझौते से भारतीय किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा इसको तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। किसानो की माने तो अमेरिका से सामान आएगा तो यहां के किसान क्या करेंगे सरकार चाहे लाख कह रही हो इस समझौते से किसानों को फायदा होगा लेकिन किसान इससे नुकसान में ही रहेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन राठी ने तो ये ऐलान किया है कि जल्द ही किसान भारत अमेरिका कृषि समझौते की प्रतियां ( कॉपी ) अपने-अपने खेतों में जलाकर उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर अपना विरोध प्रकट करेंगे।
जिला अध्यक्ष नवीन राठी की माने तो धरना क्या आज हमारा प्रदर्शन था। भारत अमेरिका व्यापारी डील हुई। उसके विरोध में हमने आज प्रदर्शन किया। अधिकारी को ज्ञापन देंगे। प्रधानमंत्री के नाम क्योंकि यह किसानों के खिलाफ है। भारतीय किसान को उससे बहुत बड़ा नुकसान है। इसको रद्द किया जा जो भी है। बाहर से सामान आएगा। अमेरिका से सामान आएगा। यहां के किसान का क्या होगा। भाई जैसे दूध ,मक्का, सोयाबीन तो यहां का किसान तो बेकार हो जाएगा।
Muzaffarnagar में भारत-अमेरिका कृषि समझौते के खिलाफ किसानों का जोरदार प्रदर्शन। भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, नारेबाजी करते हुए पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप—इस डील से भारतीय कृषि को भारी नुकसान होगा, समझौता तुरंत रद्द किया जाए।… pic.twitter.com/VriWD4lcwe
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 12, 2026
अब तो यही है कि समझौता तो को रद्द किया जाए। सरकार तो कहेगी, सरकार तो फायदे भी बता देगी। किसानों को अब तक तो बता नहीं पाए पहले नहीं बता पाए। नए-नए फंडे लाए निकाल करके। हां सब जाकर पत्तियां जलाएंगे। और वीडियो जारी करेंगे। यह कहा गया सबको सब बात हो रही। आगे जो भी होगा बता दिया जाएगा। बजट में कुछ नहीं है। किसानों के लिए कुछ नहीं है।
बजट में कोई खास बजट नहीं है। यह सब चुनावी बजट है तो चुनाव आ रहे हैं। 2027 उसका बजट था कुछ नहीं मिल रहा किसानों को ठगने का काम कर रहे हैं। कर रहे होगे उनका उन्हें पता , बाकी ऐसा कुछ नहीं है। कर्ज माफ होता। किसानों का गाने का रेट 500 होता जो फायदे की किसानों की चीज है वह होती।