राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम में Maharajganj का यह हॉस्पिटल रहा प्रथम, 3548 सफल नेत्र ऑपरेशन का रिकॉर्ड

राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना के तहत सृजन आई हॉस्पिटल, महराजगंज ने वर्ष 2025-26 में 3548 सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन कर जनपद में प्रथम स्थान हासिल किया है। अस्पताल की इस उपलब्धि को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Maharajganj: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना एवं राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत सृजन आई हॉस्पिटल, महराजगंज ने वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अस्पताल ने एक वर्ष के दौरान कुल 3548 सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस उपलब्धि को जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

सृजन आई हॉस्पिटल के संस्थापक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. बी.एन. वर्मा के नेतृत्व में अस्पताल लगातार नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहा है। अस्पताल की स्थापना से लेकर अब तक यहां 13 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जिससे हजारों लोगों को दोबारा रोशनी मिल सकी है।

डॉ. वर्मा ने बताया कि अस्पताल द्वारा महराजगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर निःशुल्क नेत्र जांच एवं ऑपरेशन शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन शिविरों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यही कारण है कि आज सृजन आई हॉस्पिटल क्षेत्र के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में अपनी अलग पहचान बना चुका है।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक 3548 मोतियाबिंद ऑपरेशन कर सृजन आई हॉस्पिटल ने जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. बी.एन. वर्मा और उनकी टीम की नियमित चिकित्सा सेवा, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार के कारण यह सफलता संभव हो सकी है।

अस्पताल में फेको तकनीक द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन, मल्टीफोकल, फोल्डेबल एवं टोरिक लेंस प्रत्यारोपण, ग्लूकोमा की जांच और ऑपरेशन, याग लेजर से झिल्ली की सफाई, रेटिना जांच के लिए फंडस कैमरा तथा अत्याधुनिक उपकरणों से दृष्टि दोष की जांच और उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसके अलावा अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना, सीएपीएफ योजना, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम तथा विभिन्न हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं के तहत कैशलेस ऑपरेशन की सुविधा भी दी जा रही है।

डॉ. बी.एन. वर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी चिकित्सकीय टीम, मेडिकल स्टाफ और जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग को देते हुए कहा कि भविष्य में भी अस्पताल की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा पहुंचाई जा सके और कोई भी व्यक्ति आंखों की रोशनी से वंचित न रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  5 June 2026, 7:26 PM IST

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