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PM आवास के बाहर प्रदर्शन क्यों है नामुमकिन (Img- X)
New Delhi: दिल्ली की राजनीति इन दिनों सड़कों पर गरमाई हुई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जहां एक तरफ जंतर-मंतर पर विभिन्न दल विरोध जता रहे हैं, वहीं राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के नजदीक पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस सियासी हलचल के बीच बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास कितनी दूर है और क्या आम या खास नागरिक यहां प्रदर्शन कर सकते हैं?
मौजूदा सुरक्षा इंतज़ामों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) और उसके आसपास किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की बिल्कुल इज़ाज़त नहीं होती। यह पूरा इलाका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत आता है। सुरक्षा कारणों से यहाँ लोगों के इकट्ठा होने, पैदल मार्च करने या नारेबाज़ी करने पर पूरी तरह पाबंदी रहती है। यही वजह है कि यहाँ प्रदर्शन करने की कोशिश करते ही पुलिस तुरंत एक्शन लेती है।
दिल्ली में किसी भी तरह की रैली, धरना या सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से लिखित इजाजत लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है। आयोजकों को संबंधित ज़िले के पुलिस उपायुक्त (DCP) या नई दिल्ली ज़िला पुलिस कार्यालय में आवेदन देना पड़ता है। बिना पुलिसिया मंज़ूरी के किया गया कोई भी प्रदर्शन गैर-कानूनी माना जाता है।
चूंकि संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और PM आवास के पास प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने विरोध जताने के लिए खास जगहें तय की हैं। छोटे और शांतिपूर्ण धरनों के लिए पुलिस की पूर्व मंज़ूरी के साथ जंतर-मंतर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, बड़े राजनीतिक सम्मेलनों और भारी भीड़ वाली रैलियों के लिए रामलीला मैदान तय स्थान है, जिसके लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ MCD से भी अनुमति लेनी होती है।
Location : New Delhi
Published : 22 July 2026, 9:53 AM IST