महराजगंज के दुर्गा मंदिर पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल रहे साथ

महराजगंज में मंगलवार को जगतगुरु शंकराचार्य के आगमन पर श्री दुर्गा मंदिर जयघोष और पुष्पवर्षा से गूंज उठा। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर देश, समाज तथा सनातन संस्कृति की समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 July 2026, 4:43 PM IST
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Maharajganj: महराजगंज जनपद मुख्यालय स्थित श्री दुर्गा मंदिर में मंगलवार को आध्यात्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने मंदिर पहुंचकर विधिवत मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर देश, समाज तथा सनातन संस्कृति की समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल रहे उपस्थित

इस अवसर पर श्री दुर्गा मंदिर के संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल उनके साथ उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शंख बजाकर, ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ जगतगुरु शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प भी दोहराया।

पूर्व मंत्री ने मंदिर के इतिहास को लेकर दी जानकारी

मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान पूर्व मंत्री एवं मंदिर के संस्थापक सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने जगतगुरु शंकराचार्य को मंदिर के इतिहास और विकास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस भव्य श्री दुर्गा मंदिर का शिलान्यास 24 मार्च 1979 को उन्होंने किया था। वर्षों से यह मंदिर महराजगंज सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां नवरात्र सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों के अवसर पर हजारों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

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इस दौरान जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे तीर्थ और मंदिर भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना तथा सामाजिक एकता के सशक्त केंद्र हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कृति और गौ- संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया।

गोरखपुर से शुरू हुई गविष्टि यात्रा

बता दें कि जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी घोषित 'गविष्टि (गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध) यात्रा' का शुभारंभ 3 मई को गोरखपुर से किया था। यह यात्रा लगातार 81 दिनों तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिदिन गोष्ठियों, आशीर्वचन एवं पादुकापूजन कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित हुई। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गोमाता के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के प्रति जनजागरण करना तथा समाज को गौ-सेवा के लिए प्रेरित करना रहा।

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इस जनजागरण यात्रा के दौरान हजारों लोगों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर गौ- संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया। यात्रा का समापन 24 जुलाई को लखनऊ स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित एक विशाल धर्मसभा के साथ होगा, जिसमें देशभर से संत-महात्माओं एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

Location :  Maharajganj

Published :  21 July 2026, 4:43 PM IST

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