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रोते-बिलखते परिजन (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Deoria: परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सपना लेकर यूक्रेन गए देवरिया के एक युवा की रूसी हमले में मौत की खबर ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी 21 वर्षीय अभिषेक निषाद की यूक्रेन में हुए हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई। इस दुखद सूचना के गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर किसी की जुबान पर सिर्फ अभिषेक का नाम है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता दिनेश राव के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि अभिषेक निषाद 10 जून को अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से यूक्रेन गया था। विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना लेकर निकले अभिषेक ने अपने घरवालों को उम्मीद दिलाई थी कि वह मेहनत के बल पर परिवार की परेशानियां कम करेगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और महज कुछ ही दिनों में उसका यह सपना अधूरा रह गया।
बताया गया कि अभिषेक यूक्रेन की एक शिपिंग कंपनी में नाविक (सीमैन) के पद पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। इसी दौरान 19 जुलाई को रूस की ओर से काला सागर क्षेत्र के एक बंदरगाह पर किए गए मिसाइल/बम हमले की चपेट में वह आ गया। हमले में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया।
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हमले के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल अभिषेक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना जब उसके परिजनों तक पहुंची तो घर में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही करमेल गांव में सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद मेहनती, मिलनसार और सरल स्वभाव का युवक था। गांव के लोगों का कहना है कि अभिषेक अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए विदेश गया था। किसी ने भी नहीं सोचा था कि रोजगार की तलाश में गया यह नौजवान कभी वापस जीवित नहीं लौट सकेगा।
अभिषेक के पिता कौशल निषाद ने घटना की जानकारी देते हुए अपने बेटे को याद कर भावुक हो गए। परिवार ने भारत सरकार से मांग की है कि अभिषेक का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि उसका अंतिम संस्कार अपने गांव में किया जा सके। साथ ही परिवार ने सरकार से हर संभव आर्थिक और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की है।
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परिवार की जिम्मेदारियां निभाने और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर विदेश गया देवरिया का यह युवा अब कभी अपने घर नहीं लौटेगा। अभिषेक की असमय मौत ने न सिर्फ उसके परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि पूरे गांव को भी शोक में डुबो दिया है। अब परिजनों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनका बेटा जल्द से जल्द अपने वतन लौटे और सरकार उनके दुख की इस घड़ी में हर संभव मदद करे।
Location : Deoria
Published : 22 July 2026, 8:52 AM IST