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शबाना आज़मी ने बुलंद की लोकतंत्र की आवाज़ (Img- Dynamite News)
New Delhi: देश की राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब देश की संसद की चौखट तक पहुंच गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले सोमवार को दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च निकाला गया। इस आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शबाना आज़मी और मशहूर अभिनेता प्रकाश राज खुद सड़कों पर उतरकर प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हो गए।
मार्च के दौरान मीडिया से बात करते हुए शबाना आज़मी ने एक बेहद जरूरी और नया रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि मीडिया और सरकार को इस बात पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए कि कौन सी मशहूर हस्तियां इस प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं। इसके बजाय, असली ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि देश के भविष्य यानी इन छात्रों की मांगें क्या हैं और उनके साथ क्या अन्याय हुआ है।
एक्ट्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने प्रशासन को याद दिलाया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति जताना और विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
इससे पहले रविवार को शबाना आज़मी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का हौसला बढ़ाने भी पहुंची थीं, जिसके बाद तीन छात्रों ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त की।
यह पूरा विवाद देश की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली से जुड़ा है। आंदोलनकारी छात्र और CJP संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, लेकिन सेहत बिगड़ने के कारण उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद भी छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ है और वे सरकार से टकराव के बजाय सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं।
Location : New Delhi
Published : 20 July 2026, 12:30 PM IST
Topics : CJP Protest Prakash Raj Shabana Azmi Sonam Wangchuk