हिंदी
माइकल जैक्सन (Img- Pinterest)
Mumbai: माइकल जैक्सन सिर्फ एक गायक या डांसर नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसी आवाज थे जिसने अमेरिका में बरसों से फैली नस्लभेद और रंगभेद की दीवार को अपने संगीत के दम पर ढहा दिया। उन्होंने 'ब्लैक एंड व्हाइट' जैसे कालजयी गानों के जरिए दुनिया को भाईचारे और बहुसंस्कृतिवाद का संदेश दिया। उनके मूव्स और आवाज ने न केवल लोगों को झूमने पर मजबूर किया, बल्कि पॉप कल्चर की पूरी परिभाषा ही बदलकर रख दी।
शोहरत की ऊंचाइयों को छूने वाले माइकल जैक्सन को यह कामयाबी किसी थाली में परोस कर नहीं मिली थी। 29 अगस्त 1958 को गैरी (इंडियाना) के एक बेहद गरीब परिवार में जन्मे माइकल 10 भाई-बहनों में 8वें नंबर पर थे। एक वक्त ऐसा भी था जब उनके परिवार को सड़कों पर दिन गुजारने पड़े।
पिता के मुक्केबाजी और मां के पियानो प्रेम से प्रेरणा लेकर उन्होंने बेहद कम उम्र में अपने भाइयों के साथ मिलकर 'जैक्सन-5' बैंड बनाया। आगे चलकर माइकल इस बैंड के मुख्य चेहरा बने और 1970 के दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छा गए।
यश की फिल्म ‘Toxic’ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, थिएटर्स के बाद अब इस OTT प्लेटफॉर्म पर दिखेगा असली एक्शन
साल 1971 में माइकल ने सोलो करियर की शुरुआत की और इसके बाद 'गॉट टू बी देयर', 'बेन' और 'रॉक इन रॉबिन' जैसे एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए। वे एक बेहतरीन गीतकार, डांसर और समाजसेवी थे, जिन्होंने अपनी कला का इस्तेमाल समाज की बुराइयों को उजागर करने के लिए किया। उनके गानों ने हर उम्र और हर नस्ल के लोगों को आपस में जोड़ने का काम किया।
सफलता की तमाम बुलंदियों को छूने के बावजूद माइकल जैक्सन की जिंदगी की सबसे बड़ी इच्छा अधूरी ही रह गई। 25 जून 2009 को 50 वर्ष की उम्र में जब उनका अचानक निधन हुआ, तब वे अपनी महत्वाकांक्षी कॉन्सर्ट शृंखला 'दिस इज इट' (This Is It) की तैयारियों में जुटे हुए थे।
सितंबर में बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका: मिर्जापुर द मूवी से हैवान तक, रिलीज होंगी 8 बड़ी फिल्में
वे इस कॉन्सर्ट के जरिए मंच पर वापसी कर अपने फैंस को एक अविस्मरणीय अनुभव देना चाहते थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आज भी उनके जन्मदिन पर फैंस उनकी कमी को शिद्दत से महसूस करते हैं।
Location : Mumbai
Published : 30 August 2026, 11:01 AM IST