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आगरा महकमे में हड़कंप (Img- X)
Agra: ताजनगरी आगरा में पुलिस की साख को बट्टा लगाने वाले और अपनी जिम्मेदारियों में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर खाकी का चाबुक चला है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शनिवार देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कुल आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
एलआईयू (Local Intelligence Unit) की गुप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई के तहत दो थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों में संलिप्त छह अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कार्रवाई की सबसे बड़ी वजह थाना सदर क्षेत्र के नंद प्लाजा स्थित कैफे में चल रहा संदिग्ध नेटवर्क बना। यहां कैफे के भीतर मिनी मल्टीप्लेक्स और केबिन बनाकर युवक-युवतियों को प्रति घंटे के हिसाब से जगह दी जा रही थी। एलआईयू की गुप्त सूचना पर मारे गए छापे में 16 से अधिक युवक-युवतियों को पकड़ा गया था और अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था।
इसके बावजूद पुलिस स्तर पर कैफे को बंद कराने और चौकी प्रभारी की रिपोर्ट पर उचित कदम उठाने में हीलाहवाली की गई। इस पूरे मामले में एसीपी और सदर इंस्पेक्टर विजय विक्रम सिंह की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया।
दूसरी तरफ, जगनेर थाना क्षेत्र में अवैध परिवहन पर लगाम न लगा पाने और लगातार मिल रही शिकायतों के चलते जगनेर इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र पर भी गाज गिरी और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।
इसके अलावा, शासन की मंशा के विपरीत काम करने और भ्रष्टाचार के आरोपों में जगनेर के इंस्पेक्टर अपराध विजेंद्र सिंह, सिपाही अंकित कुमार, थाना डौकी के सिपाही राजीव पाराशर, थाना बमरौली कटारा के हेड कांस्टेबल राशिद अली, थाना किरावली के सिपाही संचित और एसीपी खेरागढ़ कार्यालय में तैनात सिपाही धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
Location : Agra
Published : 30 August 2026, 10:38 AM IST
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