हिंदी
सोनम वांगचुक (सोर्स-एक्स)
New Delhi: NEET पेपर लीक मामले में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य बिगड़ने के बीच अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिला है। दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह खुद उनसे मिलने पहुंचे। सरकार की इस पहल को वांगचुक के अनशन और सड़क से लेकर संसद तक मचे घमासान के बीच एक अहम बातचीत के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब अत्यंत गंभीर रूप ले चुका है। जंतर-मंतर पर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी सहित विपक्ष के दिग्गज नेताओं ने संसद भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है। राजधानी में मंगलवार देर रात तक चली इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच सरकार ने सोनम वांगचुक से संपर्क साधने का कदम उठाया। मंत्रियों की मेदांता यात्रा से इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब इस संवेदनशील गतिरोध को सुलझाने के पक्ष में है।
सोनम वांगचुक का मेदांता अस्पताल में ट्रांसफर दिल्ली हाईकोर्ट के एक स्पष्ट निर्देश के बाद हुआ। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने याचिका दायर कर सफदरजंग अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेदांता में शिफ्ट करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि मरीज को उसकी पसंद के अस्पताल में इलाज की सुविधा देना संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।
सफदरजंग अस्पताल ने वांगचुक को शाम 6:40 बजे डिस्चार्ज कर सभी मेडिकल दस्तावेज मेदांता की टीम को सौंप दिए। डिस्चार्ज के वक्त उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत स्थिर थे, लेकिन सीरम पोटेशियम लेवल 3.4 mEq/L था और 'पैनसाइटोपेनिया' की समस्या बनी हुई थी।
कड़ी सुरक्षा के बीच शाम लगभग 7:30 बजे एम्बुलेंस से मेदांता लाए जाने के बाद सोनम वांगचुक को ICU 8 में रखा गया है। वहां इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ सुशीला कटारिया के नेतृत्व में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम उनके स्वास्थ्य पर पल-पल नज़र बनाए हुए है। वांगचुक की मौजूदगी को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
Location : New Delhi
Published : 22 July 2026, 9:41 AM IST