26 साल बाद आया फैसला: जिस हत्याकांड ने मचाई थी सनसनी, दोषी को अब उसी मामले में मिली ये सजा

26 साल पुराने हत्याकांड में बिहार की अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने पुराने मामले को फिर चर्चा में ला दिया। युवक की हत्या के इस केस में लंबे इंतजार के बाद दोषी को उम्रकैद मिली है। अदालत में 12 गवाहों की गवाही और दूसरे साक्ष्यों पर भी गौर किया गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 September 2026, 7:08 PM IST
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Bagaha: बिहार के पश्चिमी चंपारण के बगहा पुलिस जिला अंतर्गत चौतरवा थाना क्षेत्र में करीब 26 साल पहले हुई युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रविरंजन की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी दस्यु चुमन यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला चौतरवा थाना कांड संख्या 106/2000 से जुड़ा है। करीब ढाई दशक से अधिक समय तक चले इस मामले में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद पूरी हुई है।

अखाड़े के पास युवक को बनाया था निशाना

अपर लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने बताया कि मृतक बृजेश दास के पिता अदालत दास ने घटना को लेकर चौतरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में चुमन यादव समेत अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था।अभियोजन पक्ष के अनुसार, बगीचा स्थित कुश्ती के अखाड़े के समीप आरोपियों ने बृजेश दास को पकड़ लिया था।

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आरोप है कि आरोपियों ने उसका हाथ गमछे से बांध दिया। इसके बाद दोनाली बंदूक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटना से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों को जुटाया। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

12 गवाहों की हुई गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों की गवाही के साथ अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। इसके बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रविरंजन की अदालत ने चुमन यादव को हत्या के मामले में दोषी करार दिया।

अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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आर्म्स एक्ट में भी सजा

हत्या के मामले में उम्रकैद के साथ अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी को सजा सुनाई है। इससे करीब 26 वर्ष पुराने इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। अदालत के फैसले के बाद पुराने हत्याकांड को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय तक चले मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध माना और सजा सुनाई। करीब 26 साल पुराने इस मामले में आया फैसला पीड़ित परिवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हत्या जैसे गंभीर अपराध में अदालत की ओर से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने से न्याय प्रक्रिया के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।

Location :  Bagaha

Published :  5 September 2026, 7:07 PM IST

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