Bihar News: जन्मदिन का सपना था, गुल्लक में जमा थे पैसे… नेपाल की तबाही देख 12 साल की वैष्णवी ने कर दिया बड़ा काम

बिहार के सहरसा की 12 वर्षीय वैष्णवी ने मानवता की मिसाल पेश की है। छह महीने तक जन्मदिन मनाने के लिए गुल्लक में पैसे जमा करने वाली वैष्णवी ने नेपाल की बाढ़ और वहां की तबाही देख अपना फैसला बदल दिया। उसने पूरी गुल्लक बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दान कर दी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 5 September 2026, 8:57 AM IST
google-preferred

Saharsa: जन्मदिन हर बच्चे के लिए खास होता है। नए कपड़े, पसंदीदा खाना और दोस्तों के साथ जश्न मनाने का सपना हर बच्चा देखता है। लेकिन बिहार के सहरसा की 12 वर्षीय वैष्णवी ने अपने जन्मदिन को लेकर ऐसा फैसला लिया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। छह महीने तक जन्मदिन मनाने के लिए गुल्लक में पैसे जमा करने वाली वैष्णवी ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की तस्वीरें देखीं तो अपना फैसला बदल दिया।

नेपाल की तबाही देख पसीजा दिल

वैष्णवी ने टेलीविजन और समाचारों के जरिए नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही देखी। बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी देखकर वह भावुक हो गई। इसके बाद उसने अपने जन्मदिन पर खर्च करने के लिए जमा की गई पूरी रकम आपदा पीड़ितों की मदद के लिए दान करने का फैसला किया।

बिना किसी दबाव के वैष्णवी ने अपनी गुल्लक ही जरूरतमंदों की मदद के लिए सौंप दी। उसके इस कदम की परिवार और स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की।

माता-पिता को बेटी की सोच पर गर्व

वैष्णवी कोशी विकास संघर्ष मोर्चा के संरक्षक प्रवीण आनंद और भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रियंका आनंद की बेटी हैं। बेटी के इस फैसले पर उसके माता-पिता ने गर्व जताया। उनका कहना है कि छोटी उम्र में वैष्णवी ने संवेदनशीलता और इंसानियत की जो मिसाल पेश की है, वह दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक है।

नेपाल के राहत कोष तक पहुंचेगी मदद

सहरसा के स्थानीय सांसद दिनेश चंद्र यादव ने भी वैष्णवी के इस प्रयास की सराहना की है। बताया गया कि वैष्णवी की ओर से दी गई राशि को जिला पदाधिकारी (DM) के माध्यम से नेपाल सरकार के राहत कोष तक पहुंचाया जाएगा।

अमेरिका से आई एक रिपोर्ट ने हिलाया ग्लोबल बाजार, धड़ाम हुए सोना-चांदी के भाव; जानिए भारत पर इसका असर

छोटी सी पहल बनेगी जन-अभियान

वैष्णवी की पहल से प्रेरित होकर कोशी विकास संघर्ष मोर्चा ने इस प्रयास को जन-अभियान का रूप देने का फैसला किया है। संगठन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग अपनी क्षमता के अनुसार नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं।

वैष्णवी ने यह साबित कर दिया कि मदद करने के लिए उम्र बड़ी होना जरूरी नहीं है। जन्मदिन की खुशियों के लिए जमा की गई गुल्लक को आपदा पीड़ितों के नाम कर उसने मानवता और संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

 

Location :  Saharsa

Published :  5 September 2026, 8:56 AM IST

Related News

Advertisement