सीमा नहीं रोक सकी इंसानियत! नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए बच्चों ने जुटाए 1 लाख रुपये; बाढ़ ने मचाई थी तबाही

नेपाल में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए महराजगंज के नौतनवा स्थित सेंट जेवियर्स जूनियर हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने एक लाख नेपाली रुपये की सहायता राशि जुटाई। बच्चों ने नेपाल के रूपंदेही जिले के भैरहवा पहुंचकर मुख्य जिला अधिकारी को चेक सौंपा। इस पहल ने भारत-नेपाल के मानवीय रिश्तों की खूबसूरत मिसाल पेश की।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 4 September 2026, 4:17 PM IST
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Maharajganj: भारत-नेपाल की सीमा भले ही दोनों देशों को अलग करती हो, लेकिन इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती। नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए नौतनवा के सेंट जेवियर्स जूनियर हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने ऐसा ही संदेश दिया है। बच्चों ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए एक लाख नेपाली रुपये की राशि जुटाई और नेपाल के रूपंदेही जिले के भैरहवा पहुंचकर मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) को चेक सौंपा।

पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए बच्चे

नेपाल में बाढ़ के कारण कई परिवारों को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में नौतनवा के सेंट जेवियर्स जूनियर हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने जरूरतमंद परिवारों की मदद का बीड़ा उठाया। विद्यार्थियों ने मिलकर सहायता राशि जुटाई। इसके बाद बच्चों का प्रतिनिधिमंडल नेपाल के रूपंदेही जिले के भैरहवा पहुंचा और वहां मुख्य जिला अधिकारी को एक लाख नेपाली रुपये का चेक सौंपा।

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बच्चों ने दिया इंसानियत का बड़ा संदेश

सहायता राशि सौंपते हुए बच्चों का कहना था कि मुसीबत किसी सीमा को नहीं देखती। जब किसी इंसान पर संकट आता है तो उसकी मदद के लिए आगे आना ही सबसे बड़ी इंसानियत है। बच्चों की इस सोच ने वहां मौजूद लोगों को भी प्रभावित किया। कम उम्र में विद्यार्थियों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए उम्र या हैसियत नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और बड़ा दिल जरूरी है।

इन विद्यार्थियों ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता राशि सौंपने वाले विद्यार्थियों में ऐशनी आनंद दुबे, अमृता यादव, श्रेया जायसवाल, सौम्या जायसवाल, फरहान खान, अंकुर यादव और शायबा खातून शामिल रहे। इन बच्चों ने न सिर्फ आर्थिक मदद जुटाई, बल्कि खुद नेपाल पहुंचकर सहायता राशि संबंधित अधिकारी को सौंपी। इस पहल से यह भी साफ हुआ कि स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का प्रयास कितना महत्वपूर्ण है।

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भारत-नेपाल के रिश्तों की दिखी खूबसूरत तस्वीर

नौतनवा और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच लंबे समय से सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। ऐसे में भारतीय स्कूली बच्चों की ओर से नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए की गई यह मदद दोनों देशों के मानवीय संबंधों को और मजबूत करने वाली पहल के तौर पर देखी जा रही है। बच्चों की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि भले ही देशों के बीच सीमाएं हों, लेकिन दुख और मदद की भावना किसी सीमा में नहीं बंधती। 'मुसीबत की कोई सीमा नहीं और इंसानियत की भी कोई सीमा नहीं' बच्चों की इस भावना ने भारत-नेपाल के रिश्तों में मानवता की एक नई तस्वीर पेश की है।

Location :  Maharajganj

Published :  4 September 2026, 4:17 PM IST

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