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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर देश में बहस के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने बड़ा एलान किया है। बोर्ड ने UCC और वंदे मातरम के विरोध में देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान 17 सितंबर 2026 से दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू होगा और 15 दिसंबर 2026 तक चलाने की योजना है। बोर्ड ने इस आंदोलन को 'Save Constitution-Save Sharia' यानी 'भारत बचाओ, शरिया बचाओ' नाम दिया है।
AIMPLB के मुताबिक आंदोलन की पहली बड़ी गतिविधि 17 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगी। इसके बाद देश के अलग-अलग बड़े शहरों में जनसभाएं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। बोर्ड का कहना है कि आंदोलन के जरिए UCC और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां सरकार और जनता के सामने रखी जाएंगी।
बोर्ड ने साफ किया है कि वह केवल सड़कों पर आंदोलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानूनी रास्ता भी अपनाएगा। संगठन की ओर से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित मुद्दों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। यानी आने वाले समय में UCC को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर हलचल बढ़ सकती है।
बोर्ड के पदाधिकारी सैयद कासिम रसूल इलियास ने आंदोलन को लेकर कहा है कि शरिया बचेगा तभी देश का संविधान सुरक्षित रहेगा। बोर्ड की ओर से आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में एक विशेष समुदाय, उसकी मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को निशाना बनाया जा रहा है।
आंदोलन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है। बोर्ड की ओर से राज्यपालों और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को एक मांग पत्र यानी Charter of Demands सौंपा जाएगा। इसमें UCC समेत उन मुद्दों को शामिल किए जाने की बात है, जिन पर बोर्ड अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहता है।
AIMPLB का यह प्रस्तावित अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 15 दिसंबर 2026 तक चलने की बात कही गई है। इस दौरान जनसभाओं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और अन्य कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जोड़ा जाएगा। बोर्ड ने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने की बात कही है। अब देखना होगा कि UCC को लेकर शुरू होने वाला यह अभियान आगे किस तरह राजनीतिक और कानूनी बहस को प्रभावित करता है।
Location : New Delhi
Published : 5 September 2026, 1:30 PM IST