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बजट 2026 पर राकेश टिकैत का बयान
Muzaffarnagar: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुज़फ्फरनगर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार कृषि बजट बढ़ाया जरूर है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह बढ़ा हुआ बजट कितना बड़ा है और किन-किन क्षेत्रों में खर्च होगा।
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाएगी, लेकिन बजट में इसे ₹6000 सालाना ही रखा गया। उन्होंने कहा कि यदि इसे बढ़ाकर ₹12000 किया जाता तो छोटे और सीमांत किसानों को महंगाई के दौर में बड़ा सहारा मिलता। टिकैत ने साफ कहा कि महंगाई के हिसाब से किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी जरूरी थी, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
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टिकैत ने फसलों के दाम बढ़ाने और MSP गारंटी कानून को सख्ती से लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण अस्पताल और ग्रामीण शिक्षा—ये सभी MSP और कृषि नीति से सीधे जुड़े हुए हैं। अगर किसान की आय सुरक्षित होगी, तभी गांवों का समग्र विकास संभव है।
दूध उत्पादन को लेकर बजट में की गई घोषणाओं पर बोलते हुए टिकैत ने कहा कि पशुपालन, पशु डॉक्टर और दूध उत्पादन बढ़ाने की बात ठीक है, लेकिन नकली दूध और बाहर से आने वाले ड्राई मिल्क पर नियंत्रण कैसे होगा, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक नकली दूध बनता रहेगा, तब तक किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को नुकसान होता रहेगा। साथ ही उन्होंने पशुओं के चारे और फीड पर सब्सिडी देने की मांग भी की।
राकेश टिकैत ने सवाल उठाया कि बढ़ा हुआ कृषि बजट कहां-कहां खर्च होगा। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, स्मॉल इंडस्ट्री और वेस्ट इंडस्ट्री को भी कृषि बजट से पैसा जाता है। सवाल यह है कि गांव के किसान और नौजवान जो छोटे उद्योग लगाते हैं, क्या उन्हें इसका वास्तविक लाभ मिल पाएगा?
बीज कानून को लेकर टिकैत ने कहा कि इसमें कंपनियों का दबदबा बढ़ेगा, जिसका BKU विरोध कर रही है। नकली बीजों पर सरकार की मॉनिटरिंग कमजोर है, जिससे किसानों की फसल और खेत दोनों खराब हो रहे हैं। वहीं, फसल बीमा योजना पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और जलभराव से फसल बर्बाद होने पर किसानों को पूरी भरपाई नहीं मिल पा रही है।
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अंत में राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर कायम हैं और हर साल अपनी मांग सरकार के सामने रखते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का हक मांगा जाता रहेगा, चाहे सरकार माने या न माने।
Location : Muzaffarnagar
Published : 1 February 2026, 7:42 PM IST
Topics : muzaffarnagar news Rakesh Tikait UP News