महिला आरक्षण पर चर्चा के बीच गरमाई लोकसभा, राहुल के बयान पर सत्ता-पक्ष का जोरदार विरोध

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के ‘छिपी ताकत’ वाले बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। सत्ता पक्ष ने इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर ओबीसी प्रतिनिधित्व से बचने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 April 2026, 4:04 PM IST
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New Delhi: लोकसभा का माहौल उस वक्त अचानक गरमा गया जब एक बयान ने पूरे सदन को जैसे दो खेमों में बांट दिया। शब्दों के वार ऐसे चले कि शोर-शराबा, आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी का दौर शुरू हो गया। महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे पर चल रही चर्चा देखते ही देखते सियासी टकराव में बदल गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छिपी ताकत’ वाले बयान ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि सत्ता पक्ष भड़क उठा और सदन में माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

महिला आरक्षण पर बहस

दरअसल, लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित विधेयकों पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है और वह इसे लागू करने में देरी करना चाहती है।

‘छिपी ताकत’ वाले बयान पर मचा घमासान

बहस के दौरान राहुल गांधी ने एक कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि असली ताकत हमेशा छिपकर काम करती है और खुद को सामने नहीं लाती। उन्होंने बिना नाम लिए ‘जादूगर’ और ‘बिजनेसमैन’ के बीच साझेदारी की बात कही, जिसे लेकर सत्ता पक्ष भड़क गया।

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जैसे ही यह बयान आया, एनडीए सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कई सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। राहुल गांधी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया, लेकिन तब तक माहौल पूरी तरह गरम हो चुका था।

राजनाथ सिंह और किरेन रिजिजू की कड़ी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी के बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा प्रधानमंत्री और देश की गरिमा के खिलाफ है और इसकी निंदा होनी चाहिए। वहीं केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी कहा कि एक जिम्मेदार नेता को इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री देश के चुने हुए नेता हैं और उनके प्रति सम्मान बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है।

स्पीकर का हस्तक्षेप

स्थिति बिगड़ती देख लोकसभा अध्यक्ष को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने राहुल गांधी के भाषण के कुछ आपत्तिजनक अंशों को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। हालांकि राहुल गांधी दोबारा अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन लगातार हो रहे शोर-शराबे के कारण उन्हें बैठने के लिए कहा गया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही।

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जाति जनगणना पर भी सरकार को घेरा

महिला आरक्षण के अलावा राहुल गांधी ने जाति जनगणना के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केवल जनगणना शुरू करना काफी नहीं है, बल्कि यह साफ होना चाहिए कि इसका इस्तेमाल संसद और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व तय करने के लिए किया जाएगा या नहीं। उनका आरोप था कि सरकार जाति जनगणना को लंबे समय तक प्रतिनिधित्व से अलग रखने की योजना बना रही है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।

Location :  New Delhi

Published :  17 April 2026, 4:04 PM IST

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