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सिद्धारमैया के इस्तीफे पर भावुक हुए डीके शिवकुमार (Img- Internet)
Bengaluru: कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कल दोपहर बाद 3 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आधिकारिक रूप से इसका ऐलान किया। इस बड़े फैसले से पहले सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को सुबह मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए आमंत्रित किया था, जहां सत्ता परिवर्तन को लेकर गंभीर चर्चा हुई। सिद्धारमैया के इस फैसले के बाद राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लंबे और गौरवशाली राजनीतिक सफर और राज्य के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए एक विशेष संदेश जारी किया। शिवकुमार ने सिद्धारमैया के कुशल नेतृत्व, उनके कड़े राजनीतिक संघर्ष और समाज के पिछड़े व शोषित वर्गों को न्याय दिलाने के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता की खुलकर सराहना की। डीके शिवकुमार का यह संदेश इस समय पूरी तरह चर्चा का विषय बना हुआ है।
अपने संदेश में एक गहरा विचार साझा करते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईश्वर किसी को सीधे वरदान या अभिशाप नहीं देता, बल्कि वह जीवन में अवसर देता है। असली महत्व और परीक्षा इस बात की होती है कि हम उन मिले हुए अवसरों का उपयोग किस प्रकार करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सिद्धारमैया का पूरा जीवन इसी विचार का एक जीवंत और सबसे बड़ा उदाहरण है। एक बेहद साधारण गांव से निकलकर अपने संघर्ष के दम पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय करना हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।
डीके शिवकुमार ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी सिद्धारमैया का अमूल्य मार्गदर्शन आगे भी कांग्रेस पार्टी और राज्य दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्नाटक के विकास और जनकल्याण के लिए शुरू हुई यह यात्रा आगे भी बिना रुके जारी रहेगी।
अपने संदेश के अंत में शिवकुमार ने एक प्रेरक कहावत साझा करते हुए लिखा, "अगर आपको तेजी से चलना है तो अकेले चलिए, लेकिन अगर दूर तक जाना है तो साथ चलिए।" उन्होंने साफ किया कि वे इस साझा यात्रा को आगे भी जनता की भलाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखेंगे।
पद छोड़ने के ठीक बाद मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने हाईकमान द्वारा दिए गए राज्यसभा जाने के प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। उन्होंने अपने इरादे साफ करते हुए कहा, "मैं कर्नाटक की राजनीति में ही पूरी तरह सक्रिय रहूंगा। राष्ट्रीय राजनीति में जाने की मेरी कोई रुचि नहीं है।"
कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह के मतभेद या कड़वाहट की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस एक परिवार की तरह हमेशा एकजुट रहेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकाल के दौरान उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने और समान व्यवहार सुनिश्चित करने की कोशिश की, जिसे अब पार्टी में एकता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
Location : Bengaluru
Published : 29 May 2026, 12:14 PM IST