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मोदी कैबिनेट और बीजेपी में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट (Img- AI Generated)
New Delhi: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक ढांचे में अगले कुछ दिनों के भीतर व्यापक स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार (Cabinet Expansion) और संगठन में बड़े बदलावों को लेकर शीर्ष स्तर पर बेहद गंभीरता से मंथन चल रहा है।
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधना है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल के जरिए कुछ नए और ऊर्जावान चेहरों को सरकार में एंट्री मिल सकती है, जबकि वर्तमान में काम कर रहे कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों और विभागों में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।
हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का कुनबा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। ऐसे में गठबंधन के सहयोगी दलों और हाल ही में एनडीए के पाले में आए नेताओं को केंद्र सरकार में उचित प्रतिनिधित्व देने की पूरी तैयारी की जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस समय महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के कुछ बेहद कद्दावर नेताओं के नामों की चर्चा सबसे तेज है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रमुख सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक के साथ शामिल किया जा सकता है।
वहीं, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर अलग हुए सांसदों काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी राय के नामों पर भी विचार चल रहा है, जिनमें से किसी एक को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसके अलावा, उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए सांसद संजय दीना पाटिल का नाम भी संभावित मंत्रियों की लिस्ट में शामिल बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल में केवल नए चेहरों की एंट्री ही नहीं होगी, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को सरकार से मुक्त भी किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली बीजेपी की कमान संभाल चुके पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा जैसे वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अधिक सक्रिय भूमिका देने के लिए केंद्र सरकार से विदा किया जा सकता है।
पार्टी की रणनीति है कि सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन की मुख्यधारा में लाकर उनकी सांगठनिक क्षमता का उपयोग किया जाए, और उनके स्थान पर सरकार में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को अवसर देकर नेतृत्व की एक नई पीढ़ी को तैयार किया जा सके।
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सरकार के साथ-साथ बीजेपी के राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए केंद्रीय टीम में कम से कम दो महिला उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है।
इसके साथ ही, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ व अनुभवी नेताओं को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण और गरिमापूर्ण पद सौंपे जाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है, ताकि राज्यों के क्षेत्रीय संतुलन को भी पूरी तरह साधा जा सके।
Location : New Delhi
Published : 26 June 2026, 10:33 AM IST