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राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026 बीजेपी कैंडिडेट अलका गुर्जर और सतीश पूनिया (Img: Google)
New Delhi: राजस्थान में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने दो प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी आलाकमान ने इस बार पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर को चुनावी मैदान में उतारा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर आगामी 18 जून को मतदान होना तय हुआ है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन देर शाम नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। बीजेपी के इस फैसले के बाद से राज्य के सियासी गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है।
दरअसल राजस्थान से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल आगामी 21 जून को समाप्त हो रहा है। इन तीनों नेताओं का कार्यकाल पूरा होने की वजह से ही ये तीन सीटें खाली हो रही हैं। अगर राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या और राजनीतिक गणित को देखा जाए, तो भाजपा इन तीन सीटों में से दो सीटों पर बेहद आसानी से और बिना किसी अड़चन के जीत दर्ज कर सकती है। इसी गणित और समीकरण को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने तीन की बजाय केवल दो उम्मीदवारों को ही मैदान में खड़ा किया है।
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बीजेपी द्वारा अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे उनकी गहरी वरिष्ठता, बेदाग छवि और लंबा संगठनात्मक अनुभव भी एक बड़ी वजह है। वह लंबे समय से भाजपा संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, वह पूर्व में विधायक और मंत्री के रूप में भी जनता के बीच अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी इसी सांगठनिक वफादारी, वरिष्ठता और जमीनी पकड़ को देखते हुए उन्हें संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में भेजने का एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा ने अलका गुर्जर को प्रत्याशी बनाकर एक बहुत बड़ा राजनीतिक और जातिगत दांव खेला है। पूर्वी राजस्थान के इलाके में गुर्जर समुदाय एक बेहद मजबूत, प्रभावी और निर्णायक वोट बैंक माना जाता है। कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट के प्रभाव के कारण यह गुर्जर वोट बैंक पारंपरिक रूप से काफी मजबूती के साथ कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा है। ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारों का कहना है कि अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजकर भाजपा ने न केवल पूर्वी राजस्थान के इस बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश की है, बल्कि कांग्रेस के इस मजबूत गढ़ में सीधे तौर पर सेंध लगाने की एक बड़ी और अचूक रणनीति तैयार की है।
Location : New Delhi
Published : 4 June 2026, 7:51 PM IST
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