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22 लाख का डोडा बरामद
Chatra: झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए दो अलग-अलग मामलों में 22 लाख रुपये से अधिक कीमत का प्रतिबंधित डोडा बरामद किया है। एक ओर जहां लावालौंग थाना क्षेत्र से पंजाब भेजी जाने वाली करीब 10 लाख रुपये की खेप पकड़ी गई, वहीं दूसरी ओर प्रतापपुर थाना क्षेत्र से बिहार सप्लाई के लिए तैयार साढ़े 12 लाख रुपये से अधिक मूल्य का डोडा जब्त किया गया। इन दोनों कार्रवाइयों ने अंतरराज्यीय नशा तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।
पहला मामला लावालौंग थाना क्षेत्र के हरदीपुर गांव स्थित जोरदाग टोला का है। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सुनील कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में भारी मात्रा में प्रतिबंधित डोडा जमा कर पंजाब भेजने की तैयारी चल रही है। सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरिया नागर गोजे शुभम भाऊ साहेब के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरदीपुर गांव में छापेमारी की, जहां तस्कर चंदन यादव के घर के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा गया करीब 80 किलोग्राम डोडा बरामद किया गया।
झारखंड में नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा; गुप्त सूचना पर ऐसे हुआ भंडाफोड़
चतरा पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चरकाखुर्द गांव में हुई। सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान तस्कर सुनील कुमार के घर से छह अलग-अलग प्लास्टिक बोरियों में रखा गया 83 किलो 790 ग्राम प्रतिबंधित अफीम डोडा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार जब्त डोडा की अनुमानित बाजार कीमत करीब 12 लाख 56 हजार रुपये है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों मामलों में केवल बरामदगी ही नहीं हुई है, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। जांच के दौरान कई अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डोडा की यह खेप कहां से लाई गई थी, किन राज्यों में इसकी सप्लाई की जानी थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। दोनों मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सुनील कुमार सिंह और सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने साफ शब्दों में कहा है कि चतरा पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जिले में सक्रिय हर नशा तस्कर पुलिस की निगरानी में है। जो लोग इस अवैध धंधे में शामिल हैं, वे स्वयं इससे दूरी बना लें, अन्यथा पुलिस उन्हें चिन्हित कर कानून के शिकंजे में लाएगी।
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने कहा कि किसी भी कीमत पर चतरा जिले को नशा तस्करों का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा। पुलिस लगातार अभियान चलाकर ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में भी यह अभियान और तेज किया जाएगा।
Location : Jharkhand
Published : 1 June 2026, 5:07 PM IST