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प्रतीकात्मक छवि (Img: Google)
Maharajganj: आज के दौर में युवा लड़कियों और महिलाओं के बीच एक बेहद खतरनाक ट्रेंड तेजी से पैर पसार रहा है। शादी, परीक्षा, यात्रा, पूजा या किसी भी विशेष पारिवारिक कार्यक्रम के व्यवधान से बचने के लिए महिलाएं बिना सोचे-समझे पीरियड्स (मासिक धर्म) टालने की गोलियां ले रही हैं।
मेडिकल स्टोर से सीधे बिना डॉक्टर के पर्चे (Self-Medication) के इन दवाओं को खरीदना और खाना एक आम बात बन चुकी है, जो अब महिलाओं की सेहत के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रही है।
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ये गोलियां शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल चक्र में कृत्रिम रूप से बदलाव करती हैं। कई मामलों में इन दवाओं के अनियंत्रित सेवन से शरीर में 'ब्लड क्लॉट' यानी खून का थक्का बनने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। यह क्लॉट खून के जरिए फेफड़ों, दिमाग या दिल तक पहुंच सकता है, जिससे अचानक मौत भी हो सकती है।
हाल ही में भारत में एक युवा लड़की की मौत पीरियड डिले पिल्स लेने के बाद डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) और पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में क्लॉट) की वजह से होने की दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे चिकित्सा जगत और समाज को झकझोर कर रख दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन गोलियों का बार-बार या बिना डॉक्टरी जांच के इस्तेमाल करने से शरीर को कई तरह के गंभीर नुकसान झेलने पड़ सकते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
चिकित्सकों के मुताबिक हर महिला की शारीरिक बनावट और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है। जिन महिलाओं को पहले से मोटापा, पीसीओएस (PCOS), माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की समस्या है, या जो धूम्रपान करती हैं, उनमें इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स का खतरा सामान्य महिलाओं से कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में बिना जांच के ली गई एक भी गोली जानलेवा हो सकती है।
पीरियड्स के दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन से राहत देंगे ये फूड्स
इस समस्या का समाधान सिर्फ चिकित्सकीय नहीं, बल्कि सामाजिक भी है। हमारा संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि पीरियड्स पोस्टपोन करने वाली गोलियां कोई सामान्य दर्द निवारक दवा नहीं हैं। इन्हें केवल और केवल डॉक्टर की लिखित सलाह के बाद ही लें। थोड़ी सी सुविधा या किसी आयोजन के लिए अपनी कीमती जिंदगी को दांव पर न लगाएं।
इसके साथ ही, समाज और परिवार को भी महिलाओं पर पीरियड्स के दौरान पूजा या आयोजनों में शामिल न होने का अनावश्यक दबाव बनाना बंद करना होगा। पीरियड्स एक पूरी तरह से प्राकृतिक और स्वस्थ शारीरिक प्रक्रिया है, कोई बीमारी या अछूत स्थिति नहीं। आइए जागरूक बनें, खुद को सुरक्षित रखें और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करें।
Location : Maharajganj
Published : 26 May 2026, 2:35 PM IST