छापे से शुरू हुई जांच, अब रजिस्ट्रेशन खत्म… जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई

आयकर विभाग ने आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट का 12एबी रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। विभाग की जांच में कथित अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अब ट्रस्ट को भारी टैक्स, ब्याज और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ट्रस्ट के पास ट्रिब्यूनल में अपील का विकल्प खुला है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 25 June 2026, 3:31 PM IST
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Rampur: पूर्व मंत्री आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आयकर विभाग ने ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब ट्रस्ट को भारी टैक्स, ब्याज और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है। आयकर विभाग ने यह फैसला साल 2023 में हुई छापेमारी और उसके बाद की गई जांच में सामने आई कथित गड़बड़ियों के आधार पर लिया है। विभाग का कहना है कि ट्रस्ट को अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का पर्याप्त मौका दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

12एबी रजिस्ट्रेशन खत्म होने से बढ़ेगी मुश्किल

जीएसटी और आयकर मामलों के जानकारों के मुताबिक, आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट का 12एबी रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया है। 12एबी रजिस्ट्रेशन किसी ट्रस्ट, एनजीओ या गैर-लाभकारी संस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसका फायदा यह होता है कि सामाजिक या धार्मिक कार्यों के लिए इस्तेमाल की गई आय पर संस्था को आयकर में छूट मिलती है। लेकिन रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद ट्रस्ट को चैरिटेबल संस्था नहीं माना जाएगा।

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संपत्तियों और आय का हो सकता है मूल्यांकन

रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद आयकर विभाग ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों का मूल्यांकन कर सकता है। इसमें जमीन, भवन और बैंक खातों में मौजूद रकम शामिल हो सकती है। विभाग जांच अवधि से लेकर अब तक की आय, चंदे और संपत्तियों की भी जांच कर सकता है। अगर अनियमितताएं साबित होती हैं तो ट्रस्ट पर टैक्स के साथ ब्याज और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

छापेमारी के बाद शुरू हुई थी जांच

आयकर विभाग ने साल 2023 में जौहर ट्रस्ट से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद विभाग ने ट्रस्ट के दस्तावेजों, लेखा-जोखा और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान विभाग ने कई ऐसे तथ्य मिलने का दावा किया, जिन्हें ट्रस्ट की गतिविधियों और पंजीकरण की शर्तों के खिलाफ माना गया। इसके बाद ट्रस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। सूत्रों के मुताबिक तय समय तक ट्रस्ट की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद विभाग ने रजिस्ट्रेशन निरस्त करने का फैसला लिया।

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किन आरोपों के आधार पर हुई कार्रवाई

आयकर विभाग की जांच में कई बिंदुओं को आधार बनाया गया है। इनमें जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित अनियमितताएं, सरकारी जमीन से जुड़े मामले, भवन निर्माण की लागत में अंतर और चंदे से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। विभाग ने आरोप लगाया है कि ट्रस्ट में बोगस डोनेशन, डमी ट्रस्टी और बिना हिसाब-किताब वाली रकम को दान के रूप में दिखाने जैसी गड़बड़ियां सामने आईं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी परिसर में बने कुछ भवनों, आवश्यक अनुमतियों और निर्माण नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

Location :  Rampur

Published :  25 June 2026, 3:30 PM IST

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