सरकारी अस्पताल में इलाज छोड़ ‘रीलबाजी’! सीएचसी नौतनवा की ओपीडी का वीडियो वायरल, निजी क्लीनिक भेजने के आरोपों से मचा हड़कंप

महराजगंज के सीएचसी नौतनवा की डेंटल ओपीडी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला डेंटल स्टाफ अस्पताल के अंदर रील बनाती नजर आ रही है। वीडियो के बाद सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं मरीजों को निजी क्लीनिक भेजने के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 5 August 2026, 5:33 PM IST
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Maharajganj: सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन जब इलाज की जगह अस्पताल का ओपीडी कक्ष सोशल मीडिया की 'रीलबाजी' का मंच बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। महराजगंज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौतनवा से सामने आए एक वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में डेंटल ओपीडी में तैनात एक महिला संविदा डेंटल हाइजीनिस्ट अस्पताल के भीतर रील बनाती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं और कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर बहस तेज हो गई है। वहीं, मरीजों को इलाज के बजाय निजी क्लीनिक भेजे जाने के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो सीएचसी नौतनवा की डेंटल ओपीडी का है। वीडियो में महिला डेंटल स्टाफ सरकारी अस्पताल के ओपीडी कक्ष के अंदर मोबाइल कैमरे के सामने रील बनाती दिखाई दे रही हैं। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद लोगों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

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मरीजों को लौटाने और निजी क्लीनिक भेजने के आरोप

वायरल वीडियो के साथ-साथ एक और गंभीर मामला भी सामने आया है। क्षेत्र के कई लोगों का आरोप है कि डेंटल ओपीडी में आने वाले मरीजों को कई बार यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि इलाज के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध नहीं है।

अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों का इलाज करना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि ड्यूटी के दौरान अस्पताल परिसर का इस्तेमाल सोशल मीडिया रील बनाने के लिए किया जाता है तो इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की छवि प्रभावित होती है।

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स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर भी सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो ड्यूटी के दौरान का है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही निजी क्लीनिक भेजने के आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जानी चाहिए।

Location :  Maharajganj

Published :  5 August 2026, 5:33 PM IST

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