Asian Games 2026: मैराथन में 44 साल बाद चमका भारत, सावन बरवाल ने रचा इतिहास

एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन में सावन बरवाल ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता है। भारत का इस स्पर्धा में 44 साल का सूखा खत्म हुआ है और विदेशी धरती पर यह पहला मैराथन पदक है।

Updated : 26 September 2026, 8:09 AM IST
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New Delhi: भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बेहद गर्व और ऐतिहासिक पल सामने आया है। एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन स्पर्धा में भारत के धुरंधर धावक सावन बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम कर लिया है। इस शानदार जीत के साथ ही भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में चला आ रहा 44 साल लंबा सूखा आखिरकार समाप्त हो गया है।

नया नेशनल रिकॉर्ड और शानदार टाइमिंग

28 वर्षीय सावन बरवाल ने इस मैराथन को पूरा करने के लिए 2 घंटे 11 मिनट और 37 सेकंड का बेहतरीन समय लिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने न सिर्फ अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) प्रदर्शन किया, बल्कि देश के लिए एक नया नेशनल रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि सावन ने इसी साल अप्रैल महीने में 'रॉटरडैम मैराथन' के दौरान 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय लेकर अपना ही पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने अपने इस पुराने रिकॉर्ड को 21 सेकंड के अंतर से और बेहतर कर दिखाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले देश का यह रिकॉर्ड महान धावक शिवनाथ सिंह के नाम दर्ज था, जिसे सावन ने कुछ समय पहले ही तोड़ा था।

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विदेशी धरती पर मैराथन का पहला ऐतिहासिक पदक

एशियन गेम्स के इतिहास में मैराथन स्पर्धा में भारत का यह कुल चौथा मेडल है। लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह विदेशी सरजमीं पर भारत द्वारा जीता गया मैराथन का पहला पदक है।

इससे पहले भारत ने जितने भी मैराथन पदक जीते थे, वे सभी देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित खेलों में ही आए थे। साल 1951 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत के छोटा सिंह और सूरत सिंह माथुर ने शानदार सफलता हासिल की थी। इसके बाद साल 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत के एच. के. सीताराम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पिछले 44 सालों से पुरुष मैराथन में भारत को किसी पदक का इंतजार था, जिसे सावन ने आखिरकार पूरा कर दिया है।

रेस का रोमांच और जापान के एथलीट से कड़ी टक्कर

सावन बरवाल ने इस मैराथन रेस के दौरान शुरुआत से ही गजब का दमखम और मजबूत हौसला दिखाया। वह रेस में 10 किलोमीटर, 15 किलोमीटर, 20 किलोमीटर और यहाँ तक कि 35 किलोमीटर के मार्क तक लीडिंग ग्रुप में सबसे आगे चल रहे थे।

हालाँकि, रेस के बिल्कुल अंतिम कुछ किलोमीटरों में जापान के अनुभवी धावक इचिटाका यामाशिता ने शानदार वापसी की और बढ़त बनाते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया।

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मैराथन स्पर्धा का अंतिम परिणाम (एशियन गेम्स 2026)

इस रोमांचक स्पर्धा में शीर्ष तीन स्थानों पर रहने वाले एथलीट इस प्रकार रहे-

प्रथम स्थान (गोल्ड मेडल): इचिटाका यामाशिता (जापान) - समय: 2 घंटे 10 मिनट 49 सेकंड

द्वितीय स्थान (सिल्वर मेडल): सावन बरवाल (भारत) - समय: 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड

तृतीय स्थान (ब्रॉन्ज मेडल): पेइयू फेंग (चीन) - समय: 2 घंटे 12 मिनट 13 सेकंड

सावन बरवाल की इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायक सफलता के दम पर एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की कुल संख्या अब बढ़कर 24 तक पहुँच गई है। सावन के इस शानदार प्रदर्शन ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

Location :  New Delhi

Published :  26 September 2026, 8:09 AM IST

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