हिंदी
विवादित DMK कंपनी का कार्यालय (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: जिले में बेसिक शिक्षा और खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं से संबंधित जिम्मेदारी संभालने वाली DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला कंपनी के कथित कार्यालय की जगह और उसकी पहचान से जुड़ा है। आरोप है कि पनियरा क्षेत्र के चौरी जंगल, जंगल बड़हरा में कंपनी का कथित कार्यालय चौरी चौराहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की लिंक शाखा के ग्राहक सेवा केंद्र यानी CSP के भीतर संचालित हो रहा है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि कथित कार्यालय के बाहर कंपनी की पहचान बताने वाला कोई स्पष्ट बैनर, पोस्टर या साइन बोर्ड नजर नहीं आता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर यह वास्तव में कंपनी का कार्यालय है, तो इसकी पहचान और संचालन व्यवस्था कैसी है? क्या CSP परिसर में इस तरह का कार्यालय चलाने के लिए संबंधित स्तर से अनुमति ली गई है? और यदि अनुमति है तो उसके नियम और शर्तें क्या हैं?
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, चौरी चौराहा स्थित SBI की लिंक शाखा के ग्राहक सेवा केंद्र में बैंकिंग सेवाओं के लिए लोगों की आवाजाही होती है। इसी जगह पर DMK कंपनी का कार्यालय संचालित होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, यह कार्यालय वास्तव में कंपनी का अधिकृत कार्यालय है या किसी अन्य व्यवस्था के तहत वहां से काम किया जा रहा है, इसकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष से ही हो सकेगी।
कार्यालय की पहचान के लिए स्पष्ट बोर्ड या कंपनी का नाम प्रदर्शित नहीं होने की बात भी सामने आई है। हालांकि केवल बैनर या पोस्टर का न होना अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है, लेकिन जिस कंपनी पर दो महत्वपूर्ण सरकारी विभागों से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों की जिम्मेदारी होने की बात कही जा रही है, उसके कार्यालय की स्थिति को लेकर पारदर्शिता का सवाल जरूर उठता है।
बताया जा रहा है कि कंपनी का कोई स्पष्ट जनपद मुख्यालय स्तर का जनसंपर्क कार्यालय नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों या संबंधित लोगों को ग्रामीण क्षेत्र में जाना पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि कंपनी से जुड़े किसी काम के लिए लोगों को जिला मुख्यालय से करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ सकता है या फिर एजेंट अथवा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से संपर्क करना पड़ता है।
हालांकि, इन दावों की वास्तविक स्थिति कंपनी और संबंधित विभागों के आधिकारिक जवाब के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि कंपनी को बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी गई है, तो कर्मचारियों के लिए संपर्क और शिकायत निवारण की स्पष्ट व्यवस्था होना महत्वपूर्ण माना जाता है।
DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD को बेसिक शिक्षा विभाग और खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं और निगरानी से संबंधित जिम्मेदारियां मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में कंपनी की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों से संपर्क की व्यवस्था और विभागों के साथ समन्वय से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
यही वजह है कि अब कंपनी के कार्यालय की वास्तविक स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कार्यालय किसी बैंकिंग CSP के भीतर संचालित हो रहा है, तो यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि कंपनी के पास वहां से संचालन करने के लिए किस प्रकार की अनुमति या व्यवस्था है। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि ऐसी व्यवस्था कंपनी के अनुबंध और संबंधित विभागों की शर्तों के अनुरूप है या नहीं।
महराजगंज कचहरी में तारीख पर पहुंची महिला, अचानक पति समेत 3 ने घेरा; गला दबाने के आरोप से मचा हड़कंप
कंपनी की कार्यप्रणाली और चयन को लेकर पहले से उठ रहे सवालों के बीच अब कथित कार्यालय का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। ऐसे में संबंधित विभागों की ओर से कंपनी के चयन से जुड़े दस्तावेज, अनुबंध की शर्तें, कार्यालय का भौतिक सत्यापन और कर्मचारियों से संबंधित कार्यप्रणाली की जांच कराई जा सकती है।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जा सकता है कि कंपनी ने चयन के समय अपना कार्यालय कहां दर्शाया था और क्या वर्तमान में संचालित होने वाला कथित कार्यालय वही स्थान है। यदि कार्यालय का स्थान बदला गया है तो क्या इसकी जानकारी संबंधित विभागों को दी गई थी, यह भी महत्वपूर्ण सवाल होगा।
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल CSP के भीतर कंपनी के कथित कार्यालय के संचालन को लेकर है। यदि DMK कंपनी वास्तव में SBI की CSP के परिसर से अपना काम संचालित कर रही है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसके लिए किसकी अनुमति है और इस व्यवस्था की प्रकृति क्या है। यह भी देखा जाना जरूरी है कि CSP और कंपनी के कार्यालय के बीच संचालन की सीमाएं स्पष्ट हैं या नहीं।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी कार्यालय पर बैनर या पोस्टर नहीं होने मात्र से अनियमितता साबित नहीं होती। इसी तरह CSP में कार्यालय होने के दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। इसलिए कंपनी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर ही सही या गलत माना जा सकता है।
Location : Maharajganj
Published : 25 September 2026, 8:40 PM IST
Topics : DMK India Consultant Food and Civil Supplies Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) SBI CSP Uttar Pradesh News