हिंदी
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चल रही जनसुनवाई व्यवस्था को अब नई सख्ती और प्रभावशीलता के साथ लागू किया गया है। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आज से एक नया आयाम जुड़ गया…पढिए पूरी खबर
जनसुनवाई व्यवस्था
गोरखपुर: जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चल रही जनसुनवाई व्यवस्था को अब नई सख्ती और प्रभावशीलता के साथ लागू किया गया है। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आज से एक नया आयाम जुड़ गया, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऑनलाइन माध्यम से सीधे जुड़कर पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते नजर आए। शासन स्तर की इस सीधी मॉनिटरिंग से प्रशासनिक अमले में अतिरिक्त सक्रियता दिखाई दी।
क्या है पूरी खबर?
जिलाधिकारी दीपक मीणा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्वयं जनता की शिकायतें सुन रहे हैं। जनसुनवाई में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लोग पहुंचे। फरियादियों ने भूमि विवाद, राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियां, पुलिस कार्रवाई में देरी, पेंशन संबंधी समस्याएं, आवास योजना, सड़क निर्माण, जलनिकासी, बिजली आपूर्ति और वन विभाग से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया।
आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
डीएम ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री की ऑनलाइन मौजूदगी के दौरान कई मामलों की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई। कुछ शिकायतों पर अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। शासन की मंशा है कि हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी भी नियमित रूप से दी जाए।
राज्यसभा चुनाव की घोषणा: 10 राज्यों की 37 सीटों पर जानें किस दिन होगा इलेक्शन? सियासी सरगर्मी तेज
फरियादियों के बैठने की समुचित व्यवस्था...
कलेक्ट्रेट परिसर में जनसुनवाई की व्यवस्थाएं पूर्व की तरह सुव्यवस्थित रहीं। फरियादियों के बैठने की समुचित व्यवस्था, प्रार्थना पत्रों का विधिवत पंजीकरण और संबंधित विभागों को तत्काल अग्रसारण जैसी प्रक्रियाएं प्रभावी ढंग से संचालित होती रहीं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्राप्त मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और लोगों के साथ सम्मानजनक व संवेदनशील व्यवहार रखा जाए।
मुख्यमंत्री स्तर की निगरानी शुरू होने के बाद प्रशासनिक तंत्र में स्पष्ट रूप से तेजी देखने को मिली। कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई, जिससे आम लोगों में भरोसा बढ़ा है। जनसुनवाई अब केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनती दिख रही है। प्रशासन और सरकार के इस समन्वित प्रयास से गोरखपुर में जनहित के कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।