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बिजली विभाग में लगातार मिल रही शिकायतों और जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के चेयरमैन के निर्देश पर की गई कार्रवाई में खजनी उपखंड में तैनात SDO भोलानाथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है…पढिए पूरी खबर
SDO निलंबित
गोरखपुर: बिजली विभाग में लगातार मिल रही शिकायतों और जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के चेयरमैन के निर्देश पर की गई कार्रवाई में खजनी उपखंड में तैनात SDO भोलानाथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तीन अलग-अलग मामलों में लापरवाही और कार्यप्रणाली में गड़बड़ी पाए जाने के बाद की गई है। विभागीय स्तर पर हुए इस निर्णय को बिजली व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के अनुसार, खजनी उपखंड क्षेत्र के तीन स्थानों पर बिजली संबंधी कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इनमें उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय से निस्तारण न करना, तकनीकी कार्यों में नियमों की अनदेखी तथा निगरानी में ढिलाई जैसे आरोप शामिल थे। मामले की जांच उच्च स्तर पर कराई गई, जिसमें SDO स्तर की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई को मंजूरी दे दी।
अधिकारी अपने दायित्वों में लापरवाही
बताया जा रहा है कि इन मामलों में पहले ही दो जूनियर इंजीनियर (JE) राजेश मौर्य ,व अतुल राय को निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद अब SDO पर गाज गिरना यह संकेत देता है कि विभाग किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को बेहतर और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, और जो अधिकारी अपने दायित्वों में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है। लोगों का मानना है कि अगर इसी तरह जिम्मेदारी तय होती रही तो बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं विभाग के अंदर भी यह संदेश गया है कि कामकाज में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित मामलों की आगे भी विभागीय जांच जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।
कुल मिलाकर, खजनी उपखंड में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि बिजली विभाग अब गड़बड़ी और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयां भी देखने को मिल सकती हैं, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।