AI Summit में रोबोट डॉग को लेकर विवाद, Galgotias University पर उठे सवाल

Galgotias University एक बार फिर चर्चा में है। Greater Noida में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान यूनिवर्सिटी के पवेलियन में पेश किए गए रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 18 February 2026, 12:49 PM IST
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New Delhi: Galgotias University एक बार फिर चर्चा में है। Greater Noida में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान यूनिवर्सिटी के पवेलियन में पेश किए गए रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में इस रोबोट को “Orion” नाम देकर यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की इनोवेशन बताया गया, जिसके बाद इसकी असलियत को लेकर सवाल उठने लगे।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद

वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स और टेक विशेषज्ञों ने दावा किया कि यह रोबोट यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित नहीं, बल्कि चीन की कंपनी Unitree Robotics का पहले से उपलब्ध मॉडल है। इसके बाद सोशल मीडिया पर आरोप लगने लगे कि विदेशी प्रोडक्ट को इन-हाउस इनोवेशन के रूप में पेश किया गया। चूंकि यह प्रदर्शन एक बड़े टेक मंच पर हुआ, जहां भारतीय तकनीकी क्षमता और नवाचार को प्रदर्शित करने की बात थी, इसलिए विवाद और गहरा गया।

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यूनिवर्सिटी की सफाई

विवाद बढ़ने पर Galgotias University ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोट डॉग को उन्होंने स्वयं बनाया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह डिवाइस छात्रों की लर्निंग और रिसर्च के उद्देश्य से लिया गया है और इसे केवल डेमो के तौर पर प्रदर्शित किया गया था। उनका कहना है कि संस्थान का लक्ष्य छात्रों को भारतीय और वैश्विक तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

सोशल मीडिया पर बहस जारी

यूनिवर्सिटी की सफाई के बावजूद सोशल मीडिया पर बहस थमती नजर नहीं आ रही। कुछ यूजर्स का कहना है कि वायरल वीडियो की प्रस्तुति से यह संदेश गया कि रोबोट यूनिवर्सिटी की अपनी इनोवेशन है। वहीं कई लोगों का मानना है कि ऐसे बड़े मंचों पर टेक्नोलॉजी दिखाते समय स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कौन-सी तकनीक संस्थान में विकसित हुई है और कौन-सी बाहर से ली गई है।

पारदर्शिता पर उठे बड़े सवाल

यह विवाद केवल एक रोबोट डेमो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी प्रेजेंटेशन और रिसर्च दावों की विश्वसनीयता जैसे बड़े मुद्दों को भी सामने ले आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी का उपयोग सीखने के लिए जरूरी है, लेकिन उसके स्रोत और भूमिका को स्पष्ट बताना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि भ्रम और विवाद की स्थिति न बने।

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फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और टेक समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि सभी की नजर इस पर है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में तकनीकी दावों को किस तरह अधिक पारदर्शी बनाया जाता है।

 

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  • New Delhi

Published : 
  • 18 February 2026, 12:49 PM IST

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