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किसान महापंचायत (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर किसानों की महापंचायत हुई थी। इस महापंचायत में सिर्फ नोएडा या ग्रेटर नोएडा के ही नहीं, बल्कि वेस्ट यूपी के अलग-अलग स्थानों से करीब 5,000 किसान पहुंचे थे। लेकिन इसमें एक अब बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि इतनी भीड़ जुटने के बाद भी महापंचायत देर रात में क्यों खत्म हो गई।
किसान नेता जगबीर नंबरदार ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिले के अफसरों ने 28 जुलाई तक का वक्त मांगा है। जगबीर नंबरदार ने बताया कि किसानों की इस महापंचायत से सिस्टम हिल गया।
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किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में करीब एक लाख किसान हैं, जिनका सिस्टम और अफसरों ने शोषण किया। किसान सिर्फ अपना ही हक़ मांग रहे है, लेकिन बेईमान अफसरों को किसानों की बिल्कुल भी चिंता नहीं है।
डॉ. रुपेश वर्मा ने आगे कहा कि जिले में किसान अपनी आबादी और भूखंड को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहा है, लेकिन किसानों की आवाज को भाजपा सरकार में दबाया जा रहा है। डॉ. रुपेश वर्मा ने आगे कहा कि इससे अच्छी अखिलेश यादव की सरकार थी। कम से कम अपने हक़ के लिए लड़ाई तो लड़ लेते थे, लेकिन इस सरकार में सिर्फ तानाशाही चलती है।
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किसान नेता सुखबीर खलीफा ने बताया कि किसानों की आवाज सरकार तक पहुंच गई है। नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना प्राधिकरण और गौतमबुद्ध नगर के डीएम ने 7 दिनों का वक्त मांगा है। यानी कि 28 जुलाई तक का वक्त मांगा है, जो किसानों ने जिला प्रशासन को दे दिया। अगर उसके बाद भी किसानों की मांगें पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
Location : Greater Noida
Published : 19 July 2026, 9:47 AM IST