निचलौल नगर पंचायत में दूसरे दिन भी ‘इस्तीफा बम’ से मचा सियासी भूचाल! भाजपा के 8 निर्वाचित व 1 मनोनीत सभासद ने छोड़ा पद

नगर पंचायत निचलौल में भाजपा के आठ निर्वाचित और एक मनोनीत सभासद के सामूहिक इस्तीफे से राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। सभासदों ने बोर्ड बैठक न होने, विकास कार्यों में अनदेखी और पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाते हुए अधिशासी अधिकारी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

Maharajganj: नगर पंचायत निचलौल में पिछले दो दिनों से चल रही राजनीतिक उठापटक अब बड़े सियासी संकट का रूप ले चुकी है। पहले एक भाजपा सभासद के इस्तीफे से शुरू हुआ विरोध शनिवार को उस समय और गहरा गया, जब भाजपा के आठ निर्वाचित और एक मनोनीत सभासद ने भी सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा अधिशासी अधिकारी (ईओ) को सौंप दिया।

एक साथ नौ सभासदों के इस्तीफे ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे क्षेत्र की राजनीति में हलचल मचा दी है।

बोर्ड बैठक नहीं होने से बढ़ा असंतोष

सभासदों का आरोप है कि मार्च माह के बाद से अब तक नगर पंचायत बोर्ड की एक भी बैठक आयोजित नहीं की गई। जबकि नियमानुसार बोर्ड बैठक के माध्यम से विकास योजनाओं, वित्तीय प्रस्तावों, निर्माण कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा कर जनप्रतिनिधियों की सहमति ली जाती है। बैठक नहीं होने के कारण सभासदों को न तो योजनाओं की जानकारी मिल रही है और न ही उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।

विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप

इस्तीफा देने वाले सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में कई विकास कार्य बिना उनकी जानकारी और सहमति के कराए गए। क्षेत्र की समस्याओं को लेकर दिए गए प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और विकास योजनाओं की प्रगति से भी उन्हें अवगत नहीं कराया गया। उनका कहना है कि जनता ने उन्हें अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है, लेकिन उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

पारदर्शिता पर उठाए गंभीर सवाल

सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है। विकास योजनाओं, वित्तीय प्रस्तावों और खर्च से संबंधित जानकारी जनप्रतिनिधियों के साथ साझा नहीं की जा रही है। इससे निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका केवल औपचारिक बनकर रह गई है। इसी वजह से उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया।

राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं

एक साथ नौ सभासदों के इस्तीफे ने निचलौल नगर पंचायत की राजनीति को गर्मा दिया है। राजनीतिक जानकार इसे नगर पंचायत के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत मान रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।
प्रशासन की चुप्पी बरकरार

इतने बड़े घटनाक्रम के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन, संबंधित विभाग और शासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। यह भी देखना होगा कि सभासदों के इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं या फिर बातचीत के जरिए गतिरोध समाप्त करने का प्रयास किया जाता है।

जानिए महराजगंज के मेधावी वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध मौत का पूरा सच डाइनामाइट न्यूज़ पर

इन सभासदों ने सौंपा सामूहिक इस्तीफा

सामूहिक त्यागपत्र देने वालों में वार्ड-6 के दशरथ प्रसाद, वार्ड-3 की नर्बदा देवी, वार्ड-1 के महत्तम यादव, वार्ड-4 के साबिर अली, वार्ड-7 की ब्यूटी सिंह, वार्ड-10 के धीरज विश्वकर्मा, वार्ड-12 की किरण देवी, वार्ड-13 के मनीष खड़ाकिया तथा शासन द्वारा मनोनीत सभासद नृपेंद्र विक्रम सिंह शामिल हैं।

महराजगंज में पनीर की दुकान पर फूड विभाग का बड़ा छापा! सैंपल सीज, लाइसेंस न मिलने पर शुरू हुई कार्रवाई

अब क्या होगा आगे?

नगर पंचायत निचलौल में एक के बाद एक सामने आए इस्तीफों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मामला केवल व्यक्तिगत नाराजगी का नहीं, बल्कि नगर पंचायत की कार्यशैली को लेकर व्यापक असंतोष का है। यदि प्रशासन जल्द कोई ठोस पहल नहीं करता, तो यह विवाद स्थानीय राजनीति के साथ-साथ नगर पंचायत के विकास कार्यों पर भी असर डाल सकता है। अब पूरे जिले की नजर इस बात पर है कि इस सियासी संकट का पटाक्षेप कैसे होता है।

Location :  Maharajganj

Published :  18 July 2026, 11:59 PM IST

Advertisement