स्कूल वैन केस में नया बवाल! ARTO के दावे पर BSA का पलटवार, अब किस पर होगा भरोसा?

महराजगंज में दिव्यांग चालक द्वारा जुगाड़ से संचालित स्कूल वैन पकड़े जाने के मामले में नया विवाद सामने आया है। परिवहन विभाग रिपोर्ट भेजने का दावा कर रहा है, जबकि बीएसए ने कहा कि उनके कार्यालय को अब तक कोई पत्र नहीं मिला। अब सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई आखिर रुकी क्यों है?

Maharajganj: महराजगंज में दिव्यांग चालक द्वारा संचालित और स्टील पाइप के जुगाड़ से चल रही स्कूल वैन पकड़े जाने का मामला अब नए विवाद में बदलता दिखाई दे रहा है। परिवहन विभाग की ओर से दावा किया गया था कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। लेकिन अब बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सुरजीत सिंह के बयान ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BSA का दावा- अब तक नहीं मिला कोई पत्र

जब इस मामले में बीएसए सुरजीत सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने साफ कहा कि उनके कार्यालय को एआरटीओ मनोज कुमार सिंह की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पत्र या जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती। बीएसए के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर रिपोर्ट भेजी गई या नहीं।

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'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान में पकड़ी गई थी वैन

यह मामला परिवहन विभाग के 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के दौरान सामने आया था। फरेंदा क्षेत्र में जांच के दौरान एक स्कूल वैन को रोका गया, जिसे एक दिव्यांग चालक चला रहा था। जांच में पता चला कि वाहन के क्लच सिस्टम में स्टील पाइप लगाकर जुगाड़ किया गया था। इसके अलावा वाहन का बीमा भी समाप्त हो चुका था और कई आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था।

वैन सीज, लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू

अनियमितताएं मिलने के बाद एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने स्कूल वैन को तत्काल सीज कर दिया। साथ ही चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। उस समय यह भी बताया गया था कि स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने के लिए रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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अब कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

बीएसए का कहना है कि यदि परिवहन विभाग की रिपोर्ट उनके कार्यालय में आती है तो उसका परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के किसी विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करना नियमों के विरुद्ध होगा। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि रिपोर्ट भेजी गई थी तो वह शिक्षा विभाग तक क्यों नहीं पहुंची? या फिर रिपोर्ट भेजे जाने के दावे में ही कोई चूक हुई? इस पूरे मामले ने विभागीय समन्वय और कार्रवाई की प्रक्रिया पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  17 July 2026, 10:59 AM IST

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