हिंदी
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: देश में साइबर अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। अब ठगों ने लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए सीधे देश के केंद्रीय बैंक यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का नाम इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। सरकार की फैक्ट चेक संस्था PIB (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) ने एक ऐसे ही खतरनाक स्कैम का पर्दाफाश किया है। इस नए फ्रॉड में स्कैमर्स रिफंडेबल टैक्स के नाम पर लोगों के बैंक खाते खाली करने की कोशिश में जुटे हैं।
इस स्कैम में पीड़ितों को एक ऐसा लेटर भेजा जा रहा है, जो देखने में बिल्कुल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ऑफिशियल लेटर जैसा लगता है। इस फर्जी लेटर में दावा किया जाता है कि किसी ट्रांजैक्शन की दिक्कत की वजह से आपके 1 लाख रुपये होल्ड पर रख दिए गए हैं। आगे लिखा होता है कि अगर आप 7,500 रुपये का 'रिफंडेबल टैक्स' चुका देते हैं, तो यह रुकी हुई रकम कुछ ही मिनटों में आपके खाते में आ जाएगी। इस फर्जी लेटर में बाकायदा एक बैंक अकाउंट नंबर भी दिया जाता है, जिसमें पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है। इसके अलावा, लोगों पर जल्द से जल्द पैसे भेजने का दबाव भी बनाया जाता है ताकि वे बिना सोचे-समझे कदम उठा लें।
यह भी पढ़ें-गैर-कानूनी हिरासत: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो भड़की डॉक्टरों पर, सरकार को भी खरी खोटी
PIB की फैक्ट चेक टीम ने इस मामले की जांच कर साफ कर दिया है कि यह लेटर पूरी तरह से नकली है। रिजर्व बैंक का इस लेटर से कोई लेना-देना नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि RBI कभी भी आम जनता से पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहता। साथ ही, केंद्रीय बैंक किसी भी अनचाहे मैसेज, ईमेल या फोन कॉल के जरिए लोगों से उनकी पर्सनल या बैंकिंग डिटेल्स नहीं मांगता है।
⚠️Scam Alert!
🚨 A letter doing rounds on the internet reportedly issued by the Reserve Bank of India (RBI) claims that the recipient must pay a refundable tax amount of ₹7,500 to facilitate the release of a pending amount of ₹1,00,000. #PIBFactCheck:
❌ This letter is… pic.twitter.com/qKfnpQz36Q
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 17, 2026
यदि आप अनजाने में ऐसे किसी झांसे में आ चुके हैं और पैसे ट्रांसफर कर चुके हैं, तो तुरंत स्थानीय पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। समय पर रिपोर्ट करने से पुलिस को स्कैमर्स को ट्रैक करने और दूसरों को ठगी से बचाने में मदद मिलती है।
इसके साथ ही, आपके पास स्कैम से जुड़े जो भी सबूत हों- जैसे स्क्रीनशॉट, पेमेंट की रसीद, फ्रॉड ईमेल या फोन नंबर उन्हें सुरक्षित रखें, क्योंकि जांच में ये बहुत काम आते हैं। अगर ठगी में आपका बैंक अकाउंट शामिल है, तो तुरंत अपने बैंक को भी इसकी सूचना दें।
जल्दबाजी न करें: जिस भी मैसेज में तुरंत पैसे भेजने का दबाव हो, उसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट से वेरिफाई करें।
एडवांस फीस न दें: कोई भी सरकारी विभाग फंड रिलीज करने के लिए पहले पैसे नहीं मांगता। एडवांस फीस की मांग ही फ्रॉड की सबसे बड़ी पहचान है।
डिटेल्स शेयर न करें: किसी भी अनजान कॉल या ईमेल पर अपनी बैंकिंग डिटेल्स, OTP, पासवर्ड या पहचान पत्र शेयर न करें।
क्रॉस-चेक करें: सरकार के नाम पर आने वाले संदेशों की पुष्टि हमेशा भरोसेमंद सोर्स से ही करें।
Location : New Delhi
Published : 19 July 2026, 2:18 PM IST