डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी के पीछे कौन? सात ठिकानों पर CBI की दबिश

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.07 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में CBI ने ओडिशा और राजस्थान में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों के जरिए इधर-उधर भेजी गई।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 3 July 2026, 3:08 PM IST
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New Delhi : देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के मामलों के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह पर शिकंजा कस दिया है। करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ ओडिशा और राजस्थान में एक साथ छापेमारी की गई। जहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को कानून का डर दिखाकर 2.07 करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है।

सात ठिकानों पर CBI की छापेमारी

सीबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक 30 जून को ओडिशा और राजस्थान के सात अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले की जांच के दौरान की गई। जांच एजेंसी ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि यह केस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपा गया था और एजेंसी ने 25 मार्च 2026 से इसकी जांच शुरू की थी।

रिटायर्ड कर्मचारी से 2.07 करोड़ की ठगी

जांच में पता चला कि साइबर ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे और इसी दौरान पीड़ित से 2.07 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में यही रकम कई खातों के जरिए इधर-उधर भेजी गई ताकि उसका स्रोत छिपाया जा सके।

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बैंक खातों के जरिए रकम की लेयरिंग

CBI की जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम सबसे पहले एक ट्रस्ट के बैंक खाते में पहुंचाई गई। इसके बाद आरोपियों ने कई बैंक खातों के माध्यम से रकम की लेयरिंग और ट्रांसफर किया। राजस्थान के नागौर से गिरफ्तार तीसरा आरोपी इसी नेटवर्क का अहम सदस्य बताया जा रहा है, जो ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने का काम कर रहा था।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त

छापेमारी के दौरान सीबीआई ने आरोपियों के ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। एजेंसी अब इन डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच कर रही है, जिससे इस साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।

सीबीआई की लोगों से अपील

सीबीआई ने लोगों से अपील की है कि किसी भी फर्जी कॉल, वीडियो कॉल या डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों से घबराएं नहीं। एजेंसी ने साफ किया है कि भारत में किसी भी नागरिक को फोन या वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है या डराता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Location :  New Delhi

Published :  3 July 2026, 3:08 PM IST

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