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अयोध्या राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ इस विवाद की आंच में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो बेहद अहम स्तंभों के इस्तीफे की भी पुष्टि हो गई है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दो अधिवक्ताओं द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। इस याचिका में मांग की गई थी कि राम मंदिर में एकत्रित दान निधि से हुई चोरी के मामले की अदालत की निगरानी में सीबीआई और अन्य बहु-एजेंसी (Multi-agency) जांच कराई जाए।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही मौजूदा जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता और महत्वपूर्ण सबूतों को ठीक से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा है। हालांकि, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और शील नागू की पीठ ने इस दलील को खारिज करते हुए बेहद सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों के बाद अगर नियमित कामकाज शुरू होने पर इस मामले की सुनवाई होगी, तो कोई 'आसमान नहीं गिर जाएगा'। कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की अर्जी खारिज करते हुए अब इसे 12 से 17 जुलाई के सप्ताह के दौरान सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
मामले में नया ट्विस्ट तब आया जब एक तरफ कोर्ट में सुनवाई टली, तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच की रफ्तार तेज हो गई। पुलिस ने इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ट्रस्टी अनिल मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे चौंकाने वाली खबर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर से आई है। चोरी के आरोपों से स्तब्ध, आहत और बेहद दुखी ट्रस्ट ने अब अपनी नाराजगी जाहिर की है। निष्पक्ष जांच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए ट्रस्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है और इन गंभीर आरोपों के बीच चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
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ट्रस्ट ने इस विवाद के बीच देश-विदेश के करोड़ों राम भक्तों को आश्वस्त किया है कि भगवान राम को व्यक्तिगत रूप से अर्पित की गई सभी मूल्यवान वस्तुएं, जिनमें चांदी की ईंटें और आभूषण शामिल हैं, पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रस्ट के अनुसार, सभी सामग्रियों का पूरा हिसाब-किताब रखा गया है और किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अब देखना यह होगा कि जुलाई के मध्य में होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इस मामले को किस दिशा में ले जाती है।
Location : Ayodhya
Published : 29 June 2026, 2:01 PM IST