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प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या राम मंदिर (Img: Pinterest)
Ayodhya: प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और चंदे में भारी हेराफेरी का मामला अब एक बेहद उग्र मोड़ पर पहुंच गया है। इस महा-घोटाले में पुलिस द्वारा 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अयोध्या की कानूनी बिरादरी यानी वकीलों में जबरदस्त आक्रोश है। इस शर्मनाक घटना से आहत होकर अयोध्या बार एसोसिएशन (फैजाबाद बार एसोसिएशन) ने सोमवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई। इस बैठक में वकीलों ने सर्वसम्मति से एक ऐसा ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है जिसने कानूनी और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस आपात बैठक में साफ तौर पर निर्णय लिया गया कि राम मंदिर में चोरी करने वाले किसी भी अधर्मी और आरोपी का केस अयोध्या का कोई भी अधिवक्ता अदालत में नहीं लड़ेगा। एसोसिएशन ने इसे आस्था पर चोट माना है। वकीलों को सख्त चेतावनी देते हुए अध्यक्ष ने एलान किया कि यदि किसी भी वकील या उसके सहयोगियों ने चोरी के आरोपियों की पैरवी करने की हिमाकत की, तो उन पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड (जुर्माना) लगाया जाएगा। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले वकील की बार एसोसिएशन से सदस्यता हमेशा (आजीवन) के लिए छीन ली जाएगी।
अधिवक्ताओं का गुस्सा सिर्फ चोरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों को भी सीधे घेरे में ले लिया है। बार एसोसिएशन की बैठक में इस पूरे चंदा और चढ़ावा घोटाले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग का प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा, वकीलों ने ट्रस्ट के मुख्य कर्ता-धर्ता चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए याचिका प्रस्तुत करने का भी बड़ा कानूनी निर्णय लिया है।
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बैठक के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब वकीलों ने बेहद मुखर और आक्रामक रुख अपनाते हुए ट्रस्ट के बड़े चेहरों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को तुरंत अयोध्या छोड़ना होगा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 3 दिनों के भीतर इन तीनों ने अयोध्या नहीं छोड़ी, तो पूरी अयोध्या नगरी को चक्काजाम कर दिया जाएगा और किसी भी बाहरी व्यक्ति या वीआईपी को अयोध्या की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वकीलों के इस उग्र रुख के बाद अयोध्या प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
Location : Ayodhya
Published : 29 June 2026, 2:12 PM IST
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