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अयोध्या राम मंदिर (Img: Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार करते हुए अधिक पेशेवर प्रबंधन प्रणाली लागू की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों के बाद संगठन में महत्वपूर्ण पद खाली हो सकते हैं। पहले से रिक्त एक ट्रस्टी पद को मिलाकर तीन प्रमुख पद खाली होने की स्थिति बन सकती है। इसके चलते ट्रस्ट के पुनर्गठन की संभावना पर चर्चा हो रही है।
राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है। ऐसे में वित्तीय निगरानी, सुरक्षा, निर्माण कार्य, लेखा और प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। चर्चा है कि भविष्य में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और तिरुपति मॉडल की तरह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आधारित प्रशासनिक व्यवस्था लागू की जा सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में किया था। इसलिए ट्रस्ट को खत्म करना या नई व्यवस्था लागू करना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा। इसके लिए केंद्र सरकार को कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक वैधानिक कदम उठाने होंगे।
चढ़ावा चोरी मामले में दान पेटियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि दान पेटियों को खोलने के लिए ट्रस्ट और बैंक दोनों की चाबियों की जरूरत होती थी। गिनती और रकम पहुंचाने की प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी व्यवस्था बनाई गई थी।
जांच में बैंक से जुड़े कर्मचारियों और मंदिर में तैनात कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि महत्वपूर्ण कार्यों में निगरानी की कमी का फायदा उठाया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
राम मंदिर जैसे बड़े धार्मिक केंद्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले समय में ट्रस्ट की संरचना और संचालन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।
Location : Ayodhya
Published : 27 June 2026, 8:56 AM IST