राम मंदिर में बड़ा बदलाव! चंदा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट ने सौंपी अहम जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं नरपत डुकिया

अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मैनेजमेंट और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। CA नरपत डुकिया को ऑपरेशन और मैनेजमेंट यूनिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही CEO पद के लिए 5200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 August 2026, 1:40 PM IST
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Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चंदा चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मंदिर के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत करने में जुटा है। ट्रस्ट ने मंदिर के ऑपरेशन और मैनेजमेंट सिस्टम में बड़ा फेरबदल करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट नरपत डुकिया को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें मंदिर की ऑपरेशन और मैनेजमेंट यूनिट का हेड बनाया गया है। यानी अब मंदिर के रोजाना के प्रशासनिक कामकाज से लेकर अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल तक की बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

नरपत डुकिया के हाथ में होगी ये जिम्मेदारी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से नरपत डुकिया की नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी किया गया है। ट्रस्ट की ओर से 8 अगस्त को जारी पत्र के मुताबिक, डुकिया अब उस यूनिट का नेतृत्व करेंगे, जो मंदिर की गतिविधियों के समग्र समन्वय और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होगी।

नरपत डुकिया को डॉ. कृष्ण मोहन का करीबी सहयोगी भी माना जाता है। उनकी नई जिम्मेदारी सिर्फ किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मंदिर के अलग-अलग प्रशासनिक कामकाज के बीच तालमेल बैठाने की होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ट्रस्ट की ओर से लिए गए फैसलों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके और किसी भी स्तर पर काम में देरी या असमंजस की स्थिति न बने।

प्रशासनिक व्यवस्था पर रहेगी सीधी नजर

नई जिम्मेदारी के तहत नरपत डुकिया मंदिर से जुड़े मौजूदा सिस्टम की निगरानी भी करेंगे। मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और इसके साथ सुरक्षा, दर्शन, धार्मिक कार्यक्रम, प्रशासनिक कामकाज और अन्य व्यवस्थाओं को एक साथ संभालना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में ऑपरेशन और मैनेजमेंट यूनिट का काम इन सभी व्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा।

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पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों की जिम्मेदारी भी

नरपत डुकिया की भूमिका केवल प्रशासनिक काम तक सीमित नहीं होगी। उन्हें मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यों की व्यवस्था में भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसमें रोजाना होने वाली पूजा, यज्ञ और वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्थाओं का समन्वय शामिल है। इसके अलावा अलग-अलग त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी उन्हें जिम्मेदारी निभानी होगी। धार्मिक समिति के निर्देशों के मुताबिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराना भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा होगा।

कौन हैं CA नरपत डुकिया?

मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नरपत डुकिया दिल्ली के रहने वाले हैं। वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनके पास ऑडिटिंग, अकाउंटिंग, कम्युनिकेशन और कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों का अनुभव बताया जाता है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी कॉमर्स और अकाउंटिंग से जुड़ी है। उन्होंने बीकानेर के MGSU से मास्टर ऑफ कॉमर्स की पढ़ाई की है। इसके अलावा सुजानगढ़ के गवर्नमेंट GHS कॉलेज से बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की है।

मार्च 2023 से राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े

नरपत डुकिया की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह मार्च 2023 से राम मंदिर ट्रस्ट के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर जुड़े हुए हैं। यानी राम मंदिर के निर्माण और उसके बाद विकसित हो रही प्रशासनिक व्यवस्था से वह पहले से ही जुड़े रहे हैं। अब उन्हें ऑपरेशन और मैनेजमेंट यूनिट की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका पहले की तुलना में काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।

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आचार्य इंद्रदेव मिश्र भी करेंगे सहयोग

ट्रस्ट ने सिर्फ नरपत डुकिया की नियुक्ति नहीं की है। आचार्य इंद्रदेव मिश्र को भी मैनेजमेंट यूनिट में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है। आचार्य इंद्रदेव मिश्र फिलहाल अयोध्या में राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य के रूप में काम कर रहे हैं। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर मैनेजमेंट यूनिट की सहायता करने को कहा गया है। उनका यह कार्यकाल दिसंबर 2026 तक रहेगा।

CEO पद के लिए आज इंटरव्यू

इधर राम मंदिर ट्रस्ट में CEO पद को लेकर भी प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। CEO पद के लिए करीब 5200 आवेदन आने के बाद अब सिर्फ 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन उम्मीदवारों का इंटरव्यू आज होना है। इंटरव्यू के बाद ट्रस्ट की ओर से अंतिम चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बताया जा रहा है कि 18 उम्मीदवारों में से तीन नाम अंतिम स्तर के लिए चुने जाएंगे और इन्हीं तीन में से किसी एक को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनाया जा सकता है।

Location :  Ayodhya

Published :  11 August 2026, 1:40 PM IST

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