हिंदी
राम मंदिर ट्रस्ट में लागू हुआ डिजिटल सिस्टम (IMG: Pinterst)
Ayodhya: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। अब ट्रस्ट के वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज में मनमानी की गुंजाइश कम करने के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में ट्रस्ट ने ERP यानी Enterprise Resource Planning सिस्टम लागू कर दिया है। इसके जरिए खरीद, टेंडर, बिल, भुगतान, स्टॉक, अनुबंध और लेखा से जुड़े काम एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किए जाएंगे।
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी प्रकरण ने मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद अब ट्रस्ट प्रशासन अपनी व्यवस्थाओं को ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ERP सिस्टम इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत खरीद से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी। इससे अलग-अलग स्तर पर होने वाले काम का रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध रहेगा।
ERP सिस्टम लागू होने के बाद किसी भी बिल को भुगतान के लिए आगे बढ़ाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जरूरी अनुमोदन और डिजिटल रिकॉर्ड के बिना बिल आगे नहीं बढ़ सकेगा। यानी अब किसी फाइल या भुगतान को सिर्फ कागजी प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। सिस्टम में हर चरण का रिकॉर्ड दर्ज होगा और संबंधित अधिकारी यह देख सकेंगे कि भुगतान किस स्टेज पर है।
Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट की 2 सितंबर को अहम बैठक, CEO और प्रवक्ता के चयन पर होगा फैसला
नई डिजिटल व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसका डिजिटल ट्रेल होगा। भुगतान से जुड़ी जानकारी सिस्टम में दर्ज रहेगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि भुगतान की प्रक्रिया कब शुरू हुई, किसने उसे मंजूरी दी और वह किस स्तर से गुजरते हुए अंतिम चरण तक पहुंची। भविष्य में ऑडिट के दौरान भी यह डिजिटल रिकॉर्ड काफी उपयोगी साबित हो सकता है। किसी लेन-देन की जांच करनी हो तो उससे जुड़े रिकॉर्ड को सिस्टम में आसानी से देखा जा सकेगा।
ERP सिस्टम सिर्फ भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए ट्रस्ट की खरीद प्रक्रिया और टेंडर से जुड़े काम भी डिजिटल किए जाएंगे। किस सामान की जरूरत है, किससे खरीद की गई, किस प्रक्रिया के तहत खरीद हुई और उससे जुड़ा भुगतान कितना है, जैसी जानकारी एक ही सिस्टम में दर्ज रखने की व्यवस्था की जा रही है।
ERP सिस्टम के जरिए स्टॉक और अनुबंध से जुड़े रिकॉर्ड भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखे जाएंगे। इससे ट्रस्ट के पास मौजूद सामान और उससे संबंधित खरीद का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगा। इसी तरह अलग-अलग अनुबंधों की जानकारी भी सिस्टम में दर्ज रहेगी। इससे किसी अनुबंध की अवधि, उससे जुड़े भुगतान और अन्य जरूरी विवरणों की निगरानी आसान हो सकती है।
राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय व्यवस्था को डिजिटल किए जाने के साथ ही अब ट्रस्ट के महासचिव पद को लेकर भी अटकलों का दौर तेज हो गया है। इस महत्वपूर्ण पद को लेकर अलग-अलग स्तरों पर मंथन जारी होने की चर्चा है। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा की अयोध्या में सक्रियता बढ़ी है।
Location : Ayodhya
Published : 9 August 2026, 3:02 PM IST