Expressway बना ‘वॉटरवे’: तीन फीट पानी में डूबा Ganga Expressway, अखिलेश यादव के तंज के बाद मचा हड़कंप

उन्नाव में जिस रास्ते पर सफर को तेज और आसान बनाने का दावा किया गया था, वही रास्ता बारिश के बाद पानी में डूब गया। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक और बशीरतगंज टोल प्लाजा पर शनिवार को करीब तीन फीट तक पानी भर गया।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 26 September 2026, 8:27 PM IST
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Unnao: उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव में जिस रास्ते पर सफर को तेज और आसान बनाने का दावा किया गया था, वही रास्ता बारिश के बाद पानी में डूब गया। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक और बशीरतगंज टोल प्लाजा पर शनिवार को करीब तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव का असर सर्विस रोड तक पहुंचा, जिससे छोटे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। स्थानीय लोगों के लिए भी मुश्किल बढ़ गई है, क्योंकि बशीरतगंज जाने वाला रास्ता पानी में डूबने से बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया।

आधा किलोमीटर तक पानी ही पानी

दही क्षेत्र में सोनिक और बशीरतगंज टोल प्लाजा के आसपास भारी बारिश के बाद करीब आधा किलोमीटर हिस्से में जलभराव हो गया। टोल लेन के साथ सर्विस रोड भी पानी में डूब गई। पानी की गहराई करीब तीन फीट तक पहुंचने के कारण छोटी गाड़ियों के लिए निकलना मुश्किल हो गया। भारी वाहनों के चालकों को भी इस हिस्से से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलभराव की समस्या पिछले दो दिनों से बनी हुई है।

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बाजार जाने का रास्ता भी हुआ प्रभावित

सर्विस लेन में पानी भरने से बशीरतगंज की ओर जाने वाला रास्ता भी प्रभावित हुआ है। इससे आसपास के लोगों को रोजमर्रा के काम और बाजार तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान इससे पहले भी सोनिक टोल और सर्विस लेन पर पानी भरने की स्थिति सामने आ चुकी है। अगस्त में भी यहां करीब दो फीट तक पानी भरने की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसके बाद पंप, ट्रैक्टर और ट्यूबवेल की मदद से पानी निकालने का काम किया गया था।

पिछले साल भी आई थी ऐसी समस्या

स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर पिछले साल भी बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव हुआ था तो स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। बताया गया है कि पिछले साल पानी निकालने के लिए कई दिनों तक ट्रैक्टर और ट्यूबवेल की मदद लेनी पड़ी थी और इस पर लाखों रुपये खर्च हुए थे। इस बार फिर भारी बारिश के बाद उसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई।

पहले की रिपोर्टों में कार्यदायी एजेंसी की ओर से टोल के किनारे सुरक्षात्मक दीवार बनाने की बात कही गई थी। एजेंसी के अधिकारियों ने बताया था कि हाईटेंशन लाइन और टावर की मौजूदगी के कारण टोल को अधिक ऊंचाई पर बनाना संभव नहीं था। जलभराव रोकने के लिए किनारे पर दीवार बनाने की योजना बताई गई थी।

पानी निकालने में जुटी एजेंसी

जलभराव के बाद पानी निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। इससे पहले भी एजेंसी ने टोल और सर्विस लेन से पानी निकालने के लिए पंपसेट और ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया था।सितंबर की शुरुआत में इसी क्षेत्र में बारिश के बाद सर्विस रोड के धंसने की समस्या भी सामने आई थी। एक स्थान पर सड़क का हिस्सा धंसने के बाद मरम्मत कार्य कराया गया था।

अखिलेश यादव ने शेयर किया वीडियो

गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव का वीडियो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने वीडियो के जरिए प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए एक्सप्रेसवे की स्थिति पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में इसे ‘गंगा एक्सप्रेस वॉटरवे’ कहते हुए सरकार पर व्यंग्य किया और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

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गंगा एक्सप्रेसवे पर पहले भी उठे सवाल

उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर बारिश के दौरान पहले भी जलभराव और सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। अगस्त में कुछ स्थानों पर सड़क धंसने की रिपोर्ट भी आई थी।  फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती जलभराव से यातायात और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी को दूर करना है। पानी की निकासी और स्थायी समाधान को लेकर अब लोगों की नजर संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई पर है।

Location :  Unnao

Published :  26 September 2026, 8:27 PM IST

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